यहां महिला कर्मचारी ड्यूटी में तैनात थी। उसने कुछ दवाइयां दी, इसके कुछ ही देर बाद नवजात शिशु की मौत हो गई । परिजनों का आरोप है कि नर्स नींद में थी। उसने नींद में ओवरडोज दवा दी। जिसके कारण मासूम की मौत हुई है।
कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब जन्म के कुछ ही घंटे बाद नवजात की मौत हो गई। उसे आधी रात के बाद बुखार आने पर प्रसूता एसएनसीयू लेकर गई थी, जहां कुछ दवा दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि महिला स्वास्थ्य कर्मी नींद में थी। उसकी लापरवाही के कारण ही मासूम की मौत हुई है। मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रबंधन ने जांच समिति गठित कर दी है।
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दरअसल बालको थाना क्षेत्र के परसाभांठा में राहुल सिंह निवास करते हैं। वे बालको में कार्यरत है। राहुल सिंह की पत्नी पुतुम सिंह तीसरी बार गर्भवकी थी। उसे शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां दोपहर करीब 12:30 बजे प्रसूता ने एक शिशु को जन्मदिन दिया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने नवजात शिशु को स्वस्थ बताया था। जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल के प्रथम तल स्थित कक्ष में शिफ्ट कर किया गया था। जहां रात करीब दो बजे नवजात को अचानक बुखार आने लगा। जिसे लेकर प्रसूता एसएनसीयू कक्ष पहुंची।
यहां महिला कर्मचारी ड्यूटी में तैनात थी। उसने कुछ दवाइयां दी, इसके कुछ ही देर बाद नवजात शिशु की मौत हो गई । परिजनों का आरोप है कि नर्स नींद में थी। उसने नींद में ओवरडोज दवा दी। जिसके कारण मासूम की मौत हुई है। इस पूरे मामले की शिकायत परिजनों ने न सिर्फ सिविल लाइन थाना बल्कि अस्पताल प्रबंधन से भी की । मामला संज्ञान में आने पर अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल डाक्टरों की पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। मामले में 10 दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने कहा गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कहीं जा रही है।