आदिवासी समाज ने मोर्चा खोलते हुए शव को कहीं और शिफ्ट करने की मांग के साथ बांदे थाना और एसडीएम कार्यालय पहुंचे जिसके बाद 10 मई तक के अल्टीमेटम के साथ आदिवासी समाज ने मांग पूरी ना होने पर 12 मई से सड़क जाम और धरना प्रदर्शन करने की बात कही है।
कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र के मरोड़ा गांव में एक महिला के शव को दफ़नाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना हैं कि 20 साल पहले महिला द्वारा हिन्दू धर्म त्यागकर ईसाई धर्म अपना लिया था और जब 7 मई को उसकी मृत्यु हो गयी तब उसके परिजनों ने गाँव वालों को जानकारी दिए बिना चोरी-छुपी से शव को ईसाई धर्म के रीति-रिवाज अनुसार गाँव में ही दफना दिया।
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मामले को लेकर अब आदिवासी समाज ने मोर्चा खोलते हुए शव को कहीं और शिफ्ट करने की मांग के साथ बांदे थाना और एसडीएम कार्यालय पहुंचे जिसके बाद 10 मई तक के अल्टीमेटम के साथ आदिवासी समाज ने मांग पूरी ना होने पर 12 मई से सड़क जाम और धरना प्रदर्शन करने की बात कही है।
सरपंच लक्ष्मण मंडावी ने बताया कि मुझे फोन के माध्यम से ग्रामीणों द्वारा सूचना दिया गया है। मैने एसडीएम को आपसी सामंजस्य बनाने को कहा है। आदिवासी समाज की मांगों को उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाया है। मृत व्यक्ति ईसाई धर्म अपना चुका है जिसका विरोध ग्रामीण कर रहे हैं।