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कांकेर में उफान पर कोटरी नदी: जान जोखिम में डालकर पार कर रहे लोग, ब्लॉक मुख्यालय से टूटा गांवों का संपर्क

Fri, 15 Sep 2023 01:27 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर

सार

कोटरी नदी के किनारे बसे बेचाघाट के साथ-साथ आसपास के गांवों के लिए बारिश का मौसम आफत लेकर आता है। कोटरी नदी में पुल नहीं होने से लोगों को नाव की मदद लेनी पड़ती है।
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नाव से उफनती नदी पार करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांकेर जिले के छोटेबेटिया के तहत बेचाघाट में कोटरी नदी उफान पर है। लगातार सात दिनों से हो रही अनवरत बारिश से कोटरी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। उफनते कोटरी नदी को ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर नाव के सहारे पार करने का वीडियो भी समाने आया है। नदी का जल स्तर बढ़ने से लगभग एक दर्जन गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट गया है। जिले के परलकोट क्षेत्र में पखांजूर से लगभग 30 किलोमीटर दूर सीतरम, बेचाघाट, राजामुंडा, बिनागुण्डा, मेसपी, केंगल, मेसपी जैसे दर्जनों गांव कोटरी नदी के उस पार बसें है। 

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ग्रामीणों ने बताया कि गर्मियों के चार से पांच महीनों में कोटरी नदी में जल स्तर कम रहता है। लेकिन बारिश के शुरू से लेकर ठंड के आठ महीनों तक इन ग्रामीणों को रोजमर्रा के सामान, स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं एवं शासकीय योजनाओं से संबंधित कामकाज के लिए उफनती हुई कोटरी नदी में जान जोखिम में डाल कर नाव से नदी को पार कर छोटेबेठिया बाजार और पखांजूर स्थित शासकीय कार्यालय में आना पड़ता हैं। 

 

कोटरी नदी के किनारे बसे बेचाघाट के साथ-साथ आसपास के गांवों के लिए बारिश का मौसम आफत लेकर आता है। कोटरी नदी में पुल नहीं होने से लोगों को नाव की मदद लेनी पड़ती है। गैर प्रशिक्षित नाविक लोगों की जान संकट में डालकर नदी पार कराते हैं। इसके एवज में लोगों को रोजाना नाविक को पारिश्रमिक भी देना पड़ता है।

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