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बेरोजगारी भत्ते पर हंगामा: भाजयुमो कार्यकर्ताओं का जिला रोजगार कार्यालय पर प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़कर अंदर घुसे

Thu, 18 May 2023 05:30 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जांजगीर-चांपा

सार

कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बेरोजगारी भत्ता देने की मांग करते रहे। इस बीच पुलिस के साथ फिर झड़प हुई। बताया जा रहा है कि इसमें पुलिस के कई जवान और कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं। 
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बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करते भाजयुमो कार्यकर्ता। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में गुरुवार को बेरोजगारी भत्ते को लेकर भाजयुमो और भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। जिला रोजगार कार्यालय का घेराव करने के लिए सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़कर अंदर घुस गए। वहां तालाबंदी करने की कोशिश में पुलिस से उनकी जमकर झड़प हुई। कार्यकर्ताओं ने बेरोजगार युवाओं को साढ़े चार साल के हिसाब से 1.35 लाख भत्ता देने की मांग की और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। 

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बेरोजगारी भत्ता, युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा इन दिनों अलग-अलग जगह प्रदर्शन कर रहा है। इसी के तहत गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत प्रदेश और उपाध्यक्ष जितेंद्र देवांगन के नेतृत्व में एकत्र हो गए। इसके बाद जिला रोजगार कार्यालय का घेराव करने के लिए निकल पड़े। इस दौरान पुलिस ने करीब 200 मीटर की दूरी पर बेरिकेटिंग कर उन्हें रोक दिया। कार्यकर्ता आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इसे लेकर पुलिस ने उनकी झड़प हो गई। 
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इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और जिला रोजगार कार्यालय की ओर दौड़ लगा दी। वहां प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी का प्रयास करने लगे। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बेरोजगारी भत्ता देने की मांग करते रहे। इस बीच पुलिस के साथ फिर झड़प हुई। बताया जा रहा है कि इसमें पुलिस के कई जवान और कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए 300 पुलिसकर्मियों को वहां तैनात किया गया था। 
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भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने कहा कि, कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में प्रदेश के 10 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओं को गंगा जल हाथ में लेकर रोजगार देने का वादा किया था। बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया गया। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद ना तो युवाओं को रोजगार मिला और ना ही बेरोजोगरी भत्ता दिया गया। अब जो बेरोजगारी भत्ता 2500 रुपये दिया जा रहा है, उसे सरकार बनने के बाद से देना चाहिए। अब युवाओं के साथ धोखा किया जा रहा है। 

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