झरिया का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
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जगदलपुर जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर दरभा ब्लाक के ग्राम पंचायत छिंदावाड़ा के ढपनीपारा में रहने वाले 35 परिवार के करीब 90 लोग एक झिरिया पानी के ऊपर निर्भर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर लगे सोलर मोटर पंप के साथ ही पानी टंकी भी लगाया गया था, लेकिन साल भर से बंद पड़े इस मोटर पम्प के चलते ग्रामीणों को दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए ग्राम पंचायत छिंदावाड़ा के ढपनीपारा के निवासियों ने बताया कि वर्ष 2009-2010 में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास विभाग द्वारा सोलर मोटर पम्प के साथ ही पानी टंकी ग्राम पंचायत छिंदावाड़ा के ढपनीपारा में लगाया गया था, जहाँ वर्ष 2023 से इसे बंद कर दिया गया, जिसके बाद से ग्रामीणों को पीने का पानी नही मिल पा रहा था। ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर कई बार शिकायत भी किया गया लेकिन किसी भी तरह से कोई भी हल नही निकला, इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संबधित आला अधिकारियों को फोन पर भी सूचना दिया गया, लेकिन इसके बाद भी किसी ने भी इस सोलर मोटर पम्प को बनाने की कोशिश नहीं की।
इसके अलावा ग्रामीणों का यह भी कहना था कि विभाग के अधिकारियों ने कुछ दिन के बाद सोलर मोटर बोट को भी निकाल कर अपने साथ ले गए, मोटर नहीं होने से आने वाले दिनों में बरसात में और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, इसी बातों को सोचते हुए ग्रामीणों ने बस्तर कलेक्टर के नाम से ज्ञापन भी सौपने की बात भी कही गई है।
इस मामले पर सब इंजीनियर दरभा यशवंत साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत छिंदावाड़ा के ढपनीपारा में लगा मोटर पम्प जल गया था, जिसके कारण उसे निकाल कर ले जाया गया, वही पुराने सोलर मोटर में 600 वॉट का मोटर लगा हुआ था, नए मोटर पम्प के लिए ऑडर किया गया है, जैसे ही मोटर आने पर उसे सबसे पहले ग्राम पंचायत छिंदावाड़ा के ढपनीपारा में ही लगाया जाएगा।