जगदलपुर जिले के अति संवेदनशील इलाकों के रूप में कभी अलग पहचान रखने वाली चांदामेटा क्षेत्र के पटेलपारा, मुड़ियापारा, गदमेपारा में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी जन-सुविधाओ का विस्तार हुआ है। कलेक्टर विजय दयाराम के.सोमवार को अंदरूनी इलाकों में हुए विकास कार्यों का जायजा लिया। ज्ञात हो कि कलेक्टर विजय लगभग आठ माह पूर्व अपनी बस्तर जिले में नियुक्ति के तीसरे दिन कोलेंग, चांदामेटा क्षेत्र का भ्रमण कर ग्रामीणों से मुलाकात की थी। ग्रामीणों की मांगों के आधार पर सड़क, विद्युत, पेयजल, स्कूल और आंगनबाड़ी का स्थापना किया गया।
चांदामेटा से सड़क निर्माण कार्य को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास निगम ने पटेलपारा तक बारिश से पूर्व पूर्ण कर लिया था। पटेलपारा, मुड़ियापारा, गदमेपारा और टोंडरापारा में विद्युत विस्तार का कार्य भी दो माह पूर्व किया गया है। इन इलाकों में इतने बरसों बाद विद्युत की रोशनी मिलने से ग्रामीण में हर्ष है। साथ ही पेयजल की व्यवस्था के तहत सोलर नल जल योजना का भी स्थापित किया गया है, कलेक्टर ने सड़क, विद्युत और नल जल व्यवस्था के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की पटेलपारा निवासी ऊरा कुंजाम ने बताया कि विद्युत लाइन विस्तार नहीं होने पर मिट्टी तेल से लालटेन या दीया जलाकर उजियारा करते थे या आग की रोशनी का ही सहारा था। अब लाइट आ गई है तो बल्ब जलाकर उजाला करते हैं।
सोमवार को आंगनबाड़ी का भी शुभारंभ किया गया। स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया है इसी तर्ज पर आगामी दिनों में आंगनबाड़ी के बच्चों का भी जाति प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा। कोलेंग बाजार शेड के निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कोलेंग आंगनबाड़ी केंद्र का बच्चों से उद्घाटन करवाया। उन्होंने बच्चे को गोद में लेकर केंद्र का फीता कटवाकर और बच्चों को बिस्किट वितरण कर केंद्र का शुभारंभ किया। जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम ने भी बच्चों को गोद में लेकर प्रवेश करवाया। बच्चों का पुष्पमाला के साथ स्वागत भी किए।
कलेक्टर ने कोलेंग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव की स्थिति जायजा लिया। उन्होंने यहां विगत माह जन्म लेने वाले बच्चों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और सामान्य प्रसव की स्थिति में जन्म के 48 घंटे तक जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की निगरानी अनिवार्य तौर पर करें। अस्पताल को व्यवस्थित और सफाई रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक संतोष वर्मा से उसके द्वारा दी जा रही सेवाओं और वित्तीय ट्रांजेक्शन के संबंध में चर्चा किए। संचालक संतोष ने बताया कि उसकी ट्रांजेक्शन क्षमता दो लाख रुपए तक है। पहले घर में सीएससी संचालित करता था जिससे प्रतिमाह दो हजार की आमदनी कर लेता था गत जून माह में कलेक्टर विजय के कोलेंग दौरा में उसे शासकीय दूकान आबंटित किया गया है, जिसमें बैंक सखा के रूप में और शासकीय योजनाओं के अन्य वित्तीय कार्यों के रूप में हितग्राहियों को राशि का वितरण करने का काम कर रहा है।