इस लोकसभा क्षेत्र में भाजपा की ताकत का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में न केवल यह सीट उसके पास है, बल्कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में क्षेत्र की नौ विधानसभा सीटों में से सात पर इसी दल ने कब्जा किया है। भाजपा की ताकत को इस तथ्य से भी आंका जा सकता है कि 2019 के चुनाव में पार्टी प्रत्याशी विजय बघेल को न केवल जीत मिली थी, बल्कि निकटतम प्रतिद्वंद्वी से मतों का फासला करीब 22 फीसदी रहा था। भाजपा ने एक बार फिर विजय बघेल को ही मैदान में उतारा है। भाजपा की इस ताकत के बरक्स कांग्रेस के पास फिलहाल कहने को सिर्फ यही है कि राजनीति संभावनाओं का खेल है। यहां कभी कुछ भी हो सकता है। लेकिन, संभावनाओं को हकीकत में बदलने के लिए जिस रणनीति की जरूरत पड़ती है, वह धरातल पर कहीं नजर नहीं आती।