जेसीसीजे पार्टी ने गौरेला के मिशन ग्राउंड में आज चुनावी शंखनाद किया, मरवाही से पूर्व विधायक रहे अमित जोगी ने अपने पिता को याद करते हुए अजीत जोगी का पहला प्यार मरवाही बताते हुए जनता से प्यार और आशीर्वाद मांगा। अमित जोगी ने मंच से कहा कि मैं विधानसभा क्षेत्र या कार्यकर्ताओं के बीच नहीं आया हूं बल्कि अपने परिवार के सदस्यों के बीच आया हूं जहां से मुझे और मेरे परिवार को हमेशा आशीर्वाद मिलता रहा है। कार्यक्रम को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कोटा विधायक रेणु जोगी ने भी संबोधित किया, खराब स्वास्थ्य और बीमारी से जूझ रही रेणु जोगी लगभग एक वर्ष बाद जनता के बीच वापस पहुंची। जहां उन्होंने अपने पति अजीत जोगी को याद करते हुए उनका एक दोहा भी पढ़ा जोकि जोगी जब भी किसी लंबे स्वास्थ्य कारण से बीमार रहने या अस्पताल से लौट के बाद जनता के बीच बोला करते थे 'शीशे का बदन था, पत्थरों का सफर था, आपके बीच लौट कर आया हूं, आपकी दुआओं का असर था'
वहीं मंच से ही अमित जोगी ने कांग्रेस और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए छत्तीसगढ़ की जनता के साथ छल करने वाली पार्टी बताया। साथ ही यह भी कहा कि दोनों पार्टियों का फैसला दिल्ली में तय होते हैं, यदि उनकी पार्टी की सरकार बनी तो सारे फैसले छत्तीसगढ़ की जनता के बीच होंगे, वहीं अमित जोगी ने ''10 कदम गरीबी खत्म'' का नारा देते हुए चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर दी जिसमें छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी ने शपथ पत्र देकर जनता के बीच जाने की बात कही।
सबसे महत्वपूर्ण वादे में जोगी कांग्रेस ने मैदानी इलाकों में पूर्ण शराब बंदी के साथ-साथ शराब दुकानों की जगह अमूल दुग्ध संघ की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में 5000 करोड रुपए निवेश कर दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट के साथ दूध दुकान खोलने की घोषणा की गई। अमित जोगी ने आने वाले विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की सभी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ सामंजस्य बिठाकर सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही। अमित जोगी ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय पार्टियों में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी ऐसी पार्टी है जिसके कार्यकर्ता 90 विधानसभा में मौजूद हैं जिसका फायदा पार्टी को चुनाव में मिलेगा।
पत्रकारों से बात करते हुए अमित जोगी ने भाजपा और कांग्रेस के घोषणा पत्रों को जनता को ठगने वाला बताया। कहा कि यदि हम शपथ पत्र में लिखकर जनता के बीच जा रहे हैं तो यह पार्टियों भी जाएं। यह इसलिए नहीं जाते क्योंकि इनकी कथनी और करनी में फर्क है। अमित जोगी ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ के चुनाव का एजेंडा तय कर दिया है अब यदि राष्ट्रीय पार्टियों में दम है तो हमारी तरह शपथ पत्र देकर जनता के बीच जाएं हम उनका स्वागत करेंगे।