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Kanker: केबल लाइन बिछाने का ठेका देने के नाम पर 15 लाख की ठगी, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

Sat, 22 Apr 2023 09:03 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर

सार

शहर के एक ठेकेदार को केबल लाइन बिछाने का ठेका देने के नाम पर एक कंपनी के डायरेक्टर ने 15 लाख की ठगी कर ली। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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आरोपी को किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गांव गांव को इंटरनेट से जोड़ने के लिए भारत नेट योजना चल रही है जिसमें केबल लाइन खुदाई व बिछाई का काम चल रहा है। इसी काम के लिए शहर के एक ठेकेदार को केबल लाइन बिछाने का ठेका देने के नाम पर एक कंपनी के डायरेक्टर ने 15 लाख की ठगी कर ली। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत अलबेलापारा निवासी प्रहलाद नायक ने थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराते हुए बताया था कि वह फारेस्ट विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी है। उसे नवम्बर 2020 में पता चला कि रायपुर में एक सीडीपीएल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी है, जिसका कार्यालय लालपुर में है। जो भारत नेट के अंतर्गत केबल लाइन खुदाई का काम ठेकेदारों के माध्यम से कर रही है। उक्त काम में ठेका लेने के लिए वह अपने दामाद के साथ रायपुर कार्यालय पहुंचे। जहां पर उसकी मुलाकात सीडीपीएल कंपनी के डायरेक्टर देवनारायण सिन्हा उम्र 35 वर्ष पिता चतुर सिन्हा निवासी उमरकोटी गोबरा नवापारा जिला रायपुर से हुी। बातचीत के बाद कंपनी के डायरेक्टर ने बताया कि भारत नेट के अंतर्गत केबल लाइन खुदाई व बिछाई का काम नारायण पुर में चल रहा है। वह काम आपको दिया जाएगा। वर्क आर्डर प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आपको एक कंपनी खोलनी होगी और 15 लाख रूपए सिक्योरिटी डिपॉजिट सीडीपीएल कंपनी में जमा करना होगा। 

उन्होंने नायक इंटरप्राइजेज नारायणपुर के नाम की कंपनी बनाई और 27 नवम्बर 2020 को अपने बैंक खाता से 5 लाख 23 रूपए 60 पैसे दो बार कंपनी को कुल 10 लाख 47 रूपए 20 पैसे का आरटीजीएस के माध्यम से जमा करा दिया। उसी दिन 100 रूपए के स्टाम्प पर सीडीपीएल कंपनी और नायक इंटरप्राईजेस कंपनी के नाम पर अनुबंध तैयार किया गया। जिसकी मूल कॉपी स्वयं रख कर छायाप्रति उसे दे दी गई। इसके बाद 16 जनवरी को फिर से 5 लाख 23 रूपए 60 पैसे का सीडीपीएल कंपनी में जमा कर कंपनी के डायरेक्टर को इसकी जानकारी दिया। डायरेक्टर ने कहा कि एक माह के भीतर केबल बिछाने का वर्क ऑर्डर मिल जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और उन्होंने रुपये भी लौटाने इनकार कर दिए।

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