आमरण अनशन पर बैठे कर्मचारी की बिगड़ी तबीयत
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छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित तूता में आंदोलन कर रहे एक संविदा कर्मचारी अचानक बेहोश होकर मंच से गिर गया। तीन प्रदर्शनकारी नियमितीकरण की मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसमें से एक की अचानक तबीयत खबर होने की वजह से वह चक्कर खाकर गिर पड़ा। उसे इलाज के लिए एंबुलेंस से अभनपुर अस्पताल भेजा गया है।
धरना के दौरान बेहोश हुए संविदा कर्मचारी का नाम प्रेम राजपूत बताया जा रहा है। उसने पिछले 48 घंटों से कुछ नहीं खाया पिया था। इससे शुगर और बीपी लेवल कम हो जाने से वह बेहोश हो गया। इस घटना को सुनकर वहां मौजूद लोगों में काफी देर तक अफरा-तफरी मच गई। उसके साथ आमरण अनशन पर बैठे दो और संविदा कर्मचारियों की भी तबीयत ठीक नहीं है। प्रदर्शनकारी के बेहोश होने से नारेबाजी और शोर शराबा से गूंजने वाले तूता में अचानक सन्नाटा छा गया। इस घटना के बाद धरने पर मौजद लोग असहज महसूस कर रहे हैं। फिर भी प्रदर्शनकारियों की जिद्द आंदोलन पर भारी है।
3 जुलाई से हड़ताल जारी
धरना में मौजूद प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के वेतन में 27 प्रतिशत की वृद्धि की गई, है, लेकिन वास्तव में बढ़ोतरी 48 प्रतिशत होना चाहिए था। उन्होंने ने बताया कि 3 जुलाई से प्रदेश के संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि मांग जब तक पूरा नहीं होता तब तक हम आंदोलन करेंगे।
ये है संविदा कर्मचारियों की मांग
- अनुकम्पा नियुक्ति एवं बुढ़ापे का सहारा पेंशन
- पदोन्नति
- प्रदेश के संविदा कर्मचारी स्थायीकरण,
- नौकरी की सुरक्षा 62 साल तक
- वरिष्ठता का लाभ वेतन
- ग्रेच्युटी
- क्रमोन्नति
- सामाजिक सुरक्षा
- अवकाश