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MCB: जिले का सबसे बड़ा नर्सिंग होम सील, बिना लाइसेंस कर रहे थे सोनोग्राफी; प्रबंधन ने कार्रवाई को बताया गलत

Mon, 23 Jan 2023 05:34 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर

सार

एसडीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि शमशेद परवेज मेमोरियल नर्सिंग के द्वारा पीसीएनडीटी एक्ट का उल्लघंन किया गया है। कुछ कमियां पाई गई हैं, जिसको लेकर कार्यवाही की गई है। जो भी नियम का उल्लघंन हुआ है, रिपोर्ट में साफ जाहिर है।
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नर्सिंग होम में कार्रवाई के लिए पहुंची प्रशासन की टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के सबसे बड़े नर्सिंग होम को स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ खान नर्सिंग होम में छापा मारने की कार्रवाई की है। आरोप है कि बिना लाइसेंस के ही अस्पताल में दो साल से सोनोग्राफी की जा रही थी। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने कार्रवाई को गलत बताते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। 

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पीसीपीएनडी एक्ट का माना उल्लंघन
मनेंद्रगढ़ स्थित डॉ. शमशाद परवेज मेमोरियल मल्टीस्पेशियालिटी अस्पताल में सोमवार को एसडीएम के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। इसके बाद सोनोग्राफी कक्ष को सील कर दिया गया है। जांच के दौरान अफसरों को अस्पताल में अनियमितता मिली है। लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बावजूद अस्पताल में सोनोग्राफी की जा रही थी। इसे प्रशासन ने पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन माना है। 

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दो साल बाद स्वास्थ्य विभाग को पता चला
बताया जा रहा है कि नर्सिंग होम के पास 2020 तक का ही सोनोग्राफी करने का लाइसेंस था। इसके बाद भी दो सालों से सोनोग्राफी की जा रही थी। यह भी बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य महकमे को इसका पता ही नहीं था। जब नर्सिंग होम संचालक की ओर से लाइसेंस रिन्यूवल के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। इसके बाद आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए कार्रवाई की गई। 

अस्पताल प्रबंधन ने कहा- आवेदन की फाइल खो दी
खान नर्सिंग होम के पक्षकार अधिवक्ता अजहर खान ने कहा कि 2020 तक के लिए लाइसेंस बना हुआ था। नियमानुसार 24/12/2019 को नवीनीकरण के लिए डीडी वगैरह फार्म A के साथ जिला कार्यालय में जमा कर दिया गया। कोविड की वजह से वहां से किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई। जब पता किया तो बताया गया कि फाइल ही नहीं मिल रही है। ऐसा करते करते समय बीतता चला गया।
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पांच साल के लिए माना जाएगा नवीनीकरण
उन्होंने कहा कि नियमानुसार, नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है, और वहां से 90 दिन में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो, अपने अगले पांच साल के लिए, उसे नवीनीकरण मान लिया जाएगा। उस नियम अनुसार नर्सिंग होम रिन्यूवल है। अभी पिछले साल नवंबर में कलेक्टर ने मीटिंग बुलाई थी। इसमें कहा गया कि, नए नियम अनुसार नर्सिंग होम की नवीनीकरण के लिए अब उनको आनलाइन आवेदन करना होगा। 

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