फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur: भक्त ने अपने घर में कामाख्या मंदिर की स्थापना की, 40 से अधिक वर्षों तक असम में की तपस्या

Mon, 15 Apr 2024 08:43 AM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

बिलासपुर जिले में मां कामख्या के एक भक्त अपने घर में कामाख्या मंदिर की स्थापना कर दी है। लंबी तपस्या के बाद मनहरण ने इसे साकार किया। बीते 40 वर्षों से अधिक समय से वे माता कामख्या की सेवा कर रहे हैं।
विज्ञापन
मां कामाख्या - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मन में अगर चाहत हो तो आप अपने घर में ही देवी-देवताओं को बुला सकते हैं।दिल में अगर श्रद्धा हो तो घर को भी मंदिर बना सकते हैं। इन बातों को बिलासपुर के एक सख्स ने शब्दसः साकार किया है। बिलासपुर के मनहरण यादव ने मां कामख्या की प्रेरणा से अपने ही घर में कामाख्या मंदिर की स्थापना कर दी है। अपनी लंबी तपस्या के बाद मनहरण ने इसे साकार किया। माता भक्त मनहरण के मंदिर में अब न सिर्फ प्रदेश के, बल्कि अन्य प्रदेश के लोग भी पहुंच रहे हैं।

विज्ञापन


शहर के लिंगियाडीह क्षेत्र में भक्त मनहरण यादव के घर में माता कामख्या का दर्शन करने लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं। मनहरण बचपन में घर से आदेश लेकर असम चले गए और वहां माता कामख्या देवी की सेवा में वर्षों तक जमे रहे। जब वो वापस बिलासपुर लौटे तो उनके जीवन में मनोनुकूल परिवर्तन आया। इन बातों से प्रेरित होकर उन्होंने माता कामख्या को अपने ही घर में स्थापित किया और बीते 40 वर्षों से अधिक समय से वो माता कामख्या की सेवा कर रहे हैं।

नवरात्र के दिनों में भक्त राम शंकर शुक्ल यहां घंटों सैकड़ों ज्योति कलश के बीच साधना करते हैं। उनका कहना है कि माता कामख्या की साधना में लीन होकर उन्हें गर्मी का अहसास तक नहीं होता और वे इसे बहुत ही सहजता से करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें