सीआरपीएफ की 231 बटालियन ने सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत शिविर आयोजित किया। इसमें ग्रामीणों को उनकी जरूरत का सामान बांटा गया। जगरगुंडा नक्सलियों का खास इलाका है।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों में अब नक्सलियों का खौफ कम हो रहा है। राज्य के सुकमा और दंतेवाड़ा जिले में यह संकेत मिल रहा है। इन जिलों के सीमावर्ती नक्सलग्रस्त गांव जगरगुंडा में बीते दिनों सीआरपीएफ ने सिविक एक्शन कार्यक्रम रखा। इसमें ग्रामीण बड़ी संख्या में मदद लेने पहुंचे। पहले वे सुरक्षा कर्मियों को देख भाग जाते थे।
विज्ञापन
सीआरपीएफ की 231 बटालियन ने सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत शिविर आयोजित किया। इसमें ग्रामीणों को उनकी जरूरत का सामान बांटा गया। जगरगुंडा नक्सलियों का खास इलाका है। इसी गांव के जंगल में दंतेवाड़ा जिले में तैनात सीआरपीएफ बटालियन ने यह शिविर लगाया था।
सीआरपीएफ के शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को बर्तन, कपड़े, बच्चों के चॉकलेट व अन्य जररूत के सामान वितरित किए गए। बटालियन के के डॉक्टरों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां भी वितरित की। बटालियन के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि हम आपके साथ मिलकर गांवों के विकास में सहयोग करना चाहते हैं। समस्याएं हमें पता है। इसलिए इस सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी हो तो सुरक्षा बल उनके साथ खड़े हैं।