तेज आंधी और बारिश के चलते गिरे छप्पर।
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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में रविवार देर शाम तेज आंधी के साथ जमकर बारिश हुई। इसके चलते कई मकानों के छप्पर उड़ गए। सबसे ज्यादा बैगा आदिवासी परिवार इससे प्रभावित हुए हैं। उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घर की छत हट जाने के चलते उनका सारा सामान भीग गया। खुद भी किसी तरह से रात काटी। तेज हवाओं के चलते करीब 20 घंटे से बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ी हुई है। इसके बाद भी प्रशासनिक स्तर पर अभी कोई इनका हाल जानने के लिए नहीं पहुंचा है।
कुकदूर क्षेत्र में रविवार देर शाम करीब सात बजे अचानक से मौसम ने करवट ली। इसके चलते तेज हवाएं और आंधी चलने लगी। थोड़ी ही देर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। क्षेत्र के 30 से 40 गांव इससे प्रभावित हुए। क्षेत्र के बैगा आदिवासी ग्राम घोघरा में घरों के छप्पर उड़ गए। जिसके चलते उनके गृहस्थी का सामान और राशन बारिश के पानी में भीग गया। क्षेत्र में अभी भी बिजली सेवा ठप है। बारिश के चलते बैगा आदिवासी परिवार, महिला, पुरुष और बच्चे रात भर खुले आसमान के नीचे भूखे प्यासे जागते हुए पड़े रहे।
पानी से सब कुछ भीग गया था। सोमवार सुबह अपने उजड़े छप्पर को गरीब आदिवासी परिवार फिर से संवारते दिखा। अभी तक इन बैगाओं हाल-चाल जानने और उनकी मदद के लिए प्रशासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचे। इन लोगों ने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। यहां के निवासी उनमें विक्रम बैगा, संतु बाई बैगा समेत पांच परिवारों को काफी नुकसान हुआ है। दूसरे दिन में आसमान में बादल छाए हुए हैं। ऐसे में इन आदिवासी परिवारों में बारिश को लेकर फिर डर बैठ गया है।