यूट्यूबर जय वर्मा बताते हैं कि हम लोगों को देखकर बहुत से स्थानीय लोगों ने भी यूट्यूब वीडियो बनाना शुरू कर दिया है। वह यूट्यूब के जरिए 30 से 35 हजार रुपये महीने कमा रहे हैं।
यूट्यूब चैनल सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करते। ढेर सारी जानकारियों के साथ ये बदलाव की कहानी भी लिखते हैं। ऐसा ही एक बदलाव यूट्यूब के जरिए नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ के तुलसी गांव में आया है। रायपुर के इस तुलसी गांव में बहुत सारे युवा यूट्यूब चैनल बना रहे हैं और उसके जरिए कमाई भी कर रहे हैं।
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सही मायनों में तुलसी गांव अब यूट्यूबर्स का हब बन चुका है। स्थानीय लोग भी इन यूट्यूब चैनल्स के लिए आगे आ रहे हैं और एक से एक अलग कंटेंट बनाकर स्थानीय लोगों का मनोरंजन कर उन्हें जागरूक भी कर रहे हैं।
बढ़ गई कमाई
यूट्यूबर जय वर्मा बताते हैं कि हम लोगों को देखकर बहुत से स्थानीय लोगों ने भी यूट्यूब वीडियो बनाना शुरू कर दिया है। ये अब रील्स के लिए कंटेंट बनाते हैं। वह बताते हैं कि वह एक अंशकालिक शिक्षक थे और उनका एक कोचिंग संस्थान भी था, जिससे वह हर महीने 10 से 15 हजार रुपये की कमाई करते थे। जय बताते हैं अब वह यूट्यूब के जरिए 30 से 35 हजार रुपये महीने कमा रहे हैं। उन्होंने कमेस्ट्री से एमएससी की हुई है।
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महिलाओं को कर रहे जागरूक
यूट्यूबर पिंकी साहू बताती हैं कि वह पिछले 1.5 साल से यूट्यूब चैनल चल रही हैं। अब उनके पास करीब 40 यूट्यूब चैनल हैं। आगे कहती हैं कि इन यूट्यूब चैनल में काम करने के लिए हर कोई आगे आ रहा है। पहले गांव में लड़कियों को घर से बाहर निकलने की आजादी नहीं थी, लेकिन उन्होंने यूट्यूब वीडियो के जरिए उन्हें जागरूक किया और बताया कि लड़कियां कुछ भी कर सकती हैं।