छत्तीसगढ़ में स्कूली छात्र-छात्रों के लिए खुशखबरी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की डॉक्टर इंजिनियर बनने की चाहत पूरी होगी। विद्यार्थियों को फ्री में कोचिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण संस्थान से राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा प्री मेडिकल टेस्ट (नीट) और प्री इंजीनियरिंग (आईआईटी, जेईई मेन एवं एडवांस ) की कोचिंग दी जाएगी। कोंचिग के लिए संस्थान का चयन प्रक्रियाधीन है। इसके लिए राज्य सरकार ने 25 सितंबर से इस योजना का शुरुआत करेंगे।
प्रदेश के 146 विकासखंड मुख्यालयों में बीआरसीसी केन्द्र या इसके नजदीक हायर सेकेंडरी में ऑनलाइन अध्ययन की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त 4 शहरी स्त्रोत केन्द्रों- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व कोरबा में सीआरसी संचालित किए जाना जाएंगे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम से चयनित संस्था से की ओर से दी जाएगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की थी। शासकीय शालाओं के 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी विकाखंडो मुख्यालयों में ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को तैयारी के लिए निर्देश दिए है। जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि, प्रशिक्षण संस्थान का चयन अभी नहीं हो पाया है इसलिए भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान और गणित विषय के शासकीय संस्थाओं से ऑफ लाइन क्लासेस शुरू करें।
ऐसे में होंगे पात्र
- हर कक्षा में 100 प्रशिक्षणार्थियों में 50 मेडिकल और 50 इंजीनियरिंग के होंगे
- कोचिंग के लिए 10 वीं न्यूनतम 60 प्रतिशत जरूरी है
- स्टूडेंट्स संबंधित विकासखंड, शहर के शासकीय विद्यालय में कक्षा 12 वीं का नियमित विद्यार्थी होना चाहिए
- 12वीं कक्षा में जीवविज्ञान और गणित विषयों के छात्र ही पात्र हैं
- ज्यादा आवेदन आने पर 10वीं में प्राप्त मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा
- कोचिंग प्रतिदिन शाम साढ़े चार से साढ़े छह बजे तक चलेगी
- विषयवार प्रशिक्षण रोस्टर जिला शिक्षा अधिकारी ने तैयार किया है
- स्टूडेंट्स अपने स्कूल के प्रिंसिपल से आवेदन प्राप्त सकते हैं