छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बुधवार देर रात भोलानाथ यादव (34) सहित परिवार के चार लोगों की हत्या का शनिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक भोलानाथ का छोटा भाई भी शामिल है। हत्या की साजिश भी उसी ने रची थी। सारा विवाद मोहनी दवा, महिला और रुपयों को लेकर था। पुलिस ने दो आरोपियों को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद वह भाग गए थे। दोनों आरोपी भी भोलानाथ से रंजिश रखते थे।
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शराब के नशे में रुपए लेने के लिए पहुंचे थे
जानकारी के मुताबिक, भोलानाथ यादव चार भाई थे। छोटा भाई किस्मत दो अन्य आरोपियों ग्राम कपसदा निवासी आकाश मांझी और टीकम दास घृतलहरे के साथ बुधवार देर रात शराब के नशे में भोलानाथ यादव के घर पहुंच गए। बाहर से ही आरोपियों ने भोलानाथ को आवाज दी। भोलानाथ बाहर निकला तो किस्मत ने उससे रुपयों की मांग की। इस पर भोलानाथ भड़क गया और गालियां देने लगा। इसके चलते आरोपियों ने भोलानाथ को पकड़ लिया और उससे मारपीट शुरू कर दी।
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भोलानाथ ने गालियां दी तो मार दिया
इसके बाद किस्मत खेत के पास ही रखी कुल्हाड़ी ले आया और भोलानाथ के सिर पर वार कर दिया। जबकि आरोपी आकाश मांझी ने सब्बल और टीकम ने खेत में पड़े फसल काटने वाले पट्टे से हमला किया। सिर पर गहरी चोट लगने से भोलानाथ की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर उसकी पत्नी नैला बाहर आई तो आरोपियों ने उसका पीछा किया और घर के दरवाजे पर ही सिर पर हमला कर मार डाला। इस दौरान अंदर सो रहे दोनों बच्चे मुक्ता (7) और प्रमोद (12) भी जाग गए।
पहचाने जाने के डर से बच्चों की भी हत्या कर दी
पहचाने जाने के डर से आरोपियों ने दोनों बच्चों की भी हत्या कर दी। इसके बाद अलमारी में रखे 7.92 लाख रुपए से ज्यादा और सोने-चांदी के गहने लेकर भाग निकले। आकाश और टीकम वहां से ओडिशा फरार हो गए। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों को भवानीपट्टनम से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार, खून लगे कपड़े, चोरी के रुपए और सोने-चांदी के गहने बरामद कर लिए हैं। किस्मत के शरीर पर चोट के निशान से पुलिस को संदेह हुआ।
किस्मत के दरवाजे पर मिला खून, दिमाग का हिस्सा
पुलिस को शुरू से किस्मत पर संदेह था। वह जब जांच के लिए उसके घर पहुंची तो वहां दरवाजे पर खून के निशान दिखाई दिए। तलाशी के दौरान दिमाग के अंदरूनी हिस्से का टुकड़ा भी मिला। इस पर पुलिस ने किस्मत को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में किस्मत ने बताया कि उसके साथ माता-पिता और भोलानाथ की दो बेटियां रहती हैं। उनकी जिम्मेदारी और लड़कियों को पढ़ाने का खर्च भी उसके ऊपर है। भोलानाथ इसके लिए खर्च भी नहीं देता था और दोस्तों के साथ रोजाना मौज-मस्ती करता।
झगड़ा हुआ तो आकाश ने किस्मत के साथ शराब पीना शुरू किया
SP डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि भोलानाथ ने चार साल पहले ट्रैक्टर और जमीन खरीदी थी। वह अपने दोस्त आकाश मांझी के साथ शराब पीता। उसी के माध्यम से ओडिशा से 'मोहनी दवाई' मंगवाकर महिलाओं को खिलाता और मौज उड़ाता था। करीब चार माह पहले मोहनी दवाई का उपयोग कर एक ही स्त्री से संबंध बनाने को लेकर भोलानाथ का आकाश से भी झगड़ा हुआ था। इसके बाद से दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई। इस पर आकाश ने किस्मत और टीकम के साथ शराब पीना शुरू कर दिया।
दोनों ने बदला लेने के लिए रची साजिश
किस्मत के बाद आकाश के भी भोलानाथ से रंजिश रखने के चलते दोनों ने बदला लेने की साजिश रची थी। इस पर आकाश ने उसे मोहनी दवाई के बारे में बताया। यह सुनकर किस्मत ने भी इच्छा जाहिर की। इस पर तीनों आरोपियों ने 15 हजार रुपए एकत्र किए और दवाई मंगवाई। फिर भोलानाथ की पूर्व परिचित महिला के साथ तीनों ने संबंध बनाया। इसके बाद तीनों ने 28 सितंबर की दोपहर साथ बैठकर शराब पी और रात में भोलानाथ से दवाई, महिला और भरण-पोषण के लिए रुपयों की मांग करने पहुंच गए।