भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव के साथ राहुल गांधी
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छत्तीसगढ़ के दर्जनभर कांग्रेस विधायक बीते दो दिन से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। वे कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात करना चाहते हैं। राज्य में पंजाब की तरह नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव दोनों इन अटकलों को खारिज कर रहे हैं। गुरुवार को सीएम बघेल ने कहा कि विधायकों के दिल्ली दौरे को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। वहीं दिल्ली में मौजूद एक विधायक ने भी ऐसी ही बात कही।
सीएम बघेल ने राज्य के कांग्रेस विधायकों के दिल्ली पहुंचने से हुई सरगर्मी को कम करने का प्रयास किया। रायपुर में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि गुरुवार को विधायकों की दिल्ली यात्रा को सियासी चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या विधायक कहीं जा नहीं सकते। हर कदम को राजनीतिक नजरिये ये नहीं देखना चाहिए।
सिब्बल की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
बघेल ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की पार्टी हाईकमान के कामकाज को लेकर की गई टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बघेल ने कहा कि सिब्बल हमारे वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ वकील हैं, लेकिन उनका बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। जुलाई 2019 में जब राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था तो सभी ने सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष स्वीकार किया था। वह अब भी पद पर हैं। कोरोना महामारी के कारण कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव निरस्त कर दिया गया। ऐसे में इस तरह के सवाल उठाना हास्यास्पद है। गौरतलब है कि सिब्बल ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल किया था कि पूर्ण कालिक अध्यक्ष की गैर मौजूदगी में फैसले कौन ले रहा है? कांग्रेस कार्यकर्ता यह जानना चाहते हैं।
उधर, दिल्ली में डेरा डाले बैठे छग के विधायकों से इन अटकलों को बल मिला है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग जोर पकड़ सकती है। हालांकि इन विधायकों का कहना है कि वे राहुल गांधी की प्रस्तावित रायपुर यात्रा के सिलसिले में दिल्ली आए हैं।
यूपी के विधायक भी दिल्ली गए थे: सिंहदेव
इस बीच, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी विधायकों की दिल्ली यात्रा को तूल नहीं देने का आग्रह किया है। बता दें, सिंहदेव बघेल के प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे हैं और ढाई ढाई साल के सीएम की मांग के समर्थक बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी 70 विधायक भी दिल्ली जा सकते हैं। यूपी में सत्तारूढ़ भाजपा के भी कुछ विधायक योगी आदित्यनाथ की सरकार को लेकर दिल्ली गए थे और उसके बाद वहां मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ।