छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मनाए जा रहे हरेली त्योहार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ कई मंत्री शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने पारंपरिक खेलों में भी भाग लिया। इस त्योहार को राज्य सरकार पहली बार प्रदेश स्तर पर मना रही है। इस त्योहार को लेकर सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जिसमें कई मंत्री और विधायक शामिल हुए।
राज्य सरकार ने इस त्योहार को मनाने की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को दी थी। इस त्यौहार के आयोजन के दौरान लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ और जानकारी भी दी गई।
इस दौरान पारंपरिक खेल गेंडी, नारियल फेंक इत्यादि का आयोजन किया गया और किसानों ने गाय-भैंस समेत खेती में उपयोग होने वाले सभी औजारों की पूजा की। आदिवासी मान्यताओं के अनुसार इसी दिन से छत्तीसगढ़ में त्यौहारों की शुरुआत होती है।
त्यौहार वाले दिन को भूपेश सरकार पहले ही अवकाश घोषित कर चुकी है। जबकि मांग के बावजूद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने इस दिन को अवकाश घोषित नहीं किया था। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से आज तक इस त्यौहार को इतने बड़े स्तर पर नहीं मनाया गया है।