छत्तीसगढ़ में बुनियाद बेटी अनमोल फाउंडेशन की महिलाओं ने एक अनोखी पहल की है। चार बहनों ने मिलकर इस फाउंडेशन की शुरुआत की है और इन्होंने तय किया है कि चारों बहने मिलकर लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करेंगी। फांउडेशन गरीब परिवारों को भी अंतिम संस्कार करने में मदद करेगा।
फाउंडेशन की अध्यक्ष निम्मी चौबे ने कहा कि हम हमेशा से जरूरतमंदों की मदद करना चाहते थे। हमें लगा कि हमारी सबसे ज्यादा जरूरत उन लोगों को है, जिनका कोई नहीं है। हम कम से कम इतना तो कर सकते हैं कि सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करें ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।
उन्होंने बताया कि पिछले बुधवार को आमानाका थाना, मंदिर हसौद और मौदहापारा से सूचना मिली की 7 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना है। डॉ. अंबेडकर अस्पताल में तीन शवों का ही पोस्टमार्टम हो पाया। तीनों शवों का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बाकी चार शवों का अंतिम संस्कार गुरुवार को शहर के कोटा स्थित श्मशानघाट में किया गया।