छत्तीसगढ़ से भाजपा विधायक कृष्णमूर्ति बंधी।
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छत्तीसगढ़ भाजपा के विधायक डॉक्टर कृष्णमूर्ति बंधी ने सलाह दी है कि लोगों से शराब की लत को छुड़वाने के लिए भांग और गांजे को विकल्प के तौर पर बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के नशे की लत में पड़े लोग शायद ही हत्या, दुष्कर्म या डकैती जैसे काम करते हों।
भाजपा नेता ने यह बयान राज्य के गौरेला- पेंडरा-मरवाही जिले में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। इसे लेकर अब राज्य की कांग्रेस सरकार ने विधायक को घेर लिया है। पार्टी ने पूछा है कि आखिर कैसे एक जनप्रतिनिधि नशे की लत को बढ़ावा दे सकता है। गौरतलब है कि गांजे का सेवन स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत बैन है। हालांकि, एक सीमित मात्रा तक भांग के सेवन को मंजूरी मिली है।
कांग्रेस के शराबबंदी के वादे पर बोल रहे थे विधायक
दरअसल, मस्तुरी सीट से भाजपा विधायक बंधी कांग्रेस के शराबबंदी के वादे पर तंज कस रहे थे। उन्होंने कहा था- "हम पहले भी इस मामले को राज्य विधानसभा में उठा चुके हैं और 27 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद भी इसे उठाया जाएगा।" उन्होंने कहा- "यह मेरी निजी राय है और एक बार मैं इस पर विधानसभा में चर्चा भी कर चुका हूं। मुझे लगता है कि शराब रेप, हत्या और झगड़ों की वजह है। लेकिन मैंने सदन से पूछा था कि क्या कभी भांग खाने वाले व्यक्ति दुष्कर्म, हत्या या डकैती करता है? उन्होंने कहा कि शराब की लत को छुड़ाने और इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। राज्य सरकार की उस कमेटी को अब देखना चाहिए कि भांग और गांजा शराब की लत छुड़ाने में कैसे काम आ सकते हैं। अगर लोग नशा करना चाहते हैं तो उन्हें इस तरह के पदार्थ दिए जाने चाहिए। इससे हत्या, दुष्कर्म और बाकी तरह के अपराध नहीं हो सकते। यह मेरी निजी राय है।
हालांकि, इस पर कांग्रेस की बिलासपुर जिला इकाई के प्रवक्ता अभय नारायण राय ने पूछा कि आखिर कैसे एक जनप्रतिनिधि और राज्य का पूर्व स्वास्थ्य मंत्री इस तरह की सलाह दे सकता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत छुड़ाने का हल एक नशा करना नहीं हो सकता। एक सभ्य समाज में इस तरह के बचकाने विचार अस्वीकार्य है।