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CG News: पुलिस के जबाज जवानों को राज्यपाल हरिचंदन ने वीरता पदक से किया सम्मानित, सीएम साय ने की मुलाकात

Sat, 27 Jan 2024 01:48 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन की गरिमामय उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित स्वागत समारोह में शामिल हुए।
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राजभवन में स्वागत समारोह की तस्वीर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन की गरिमामय उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित स्वागत समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने पदक अलंकरण प्राप्त करने वाले पुलिस अधिकारियों से भेंट कर उनके शौर्य और पराक्रम की सराहना की। इस दौरान पुलिस वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक और सराहनीय सुधार सेवा पदक प्राप्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
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सीएम विष्णुदेव साय ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाके सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। आप सभी के सेवा, साहस और मुकाबला से आज यह दायरा छोटा होते जा रहा है। कर्तव्य के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि आज आप सभी को पुलिस पदक प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की जब भी बात होगी, तो हमारे पुलिस के जवानों के संघर्ष, शौर्य और साहस का स्वर्णिम इतिहास भी प्रमुखता से उल्लेखित किया जाएगा।

जान के परवाह किए बिना डटे रहे सिपाही 
छह फरवरी साल 2019 को बीजापुर पुलिस को सशस्त्र माओवादियों के प्रशिक्षण शिविर में उपस्थिति की खुफिया सूचना मिली। अगले दिन पुलिस टीम घटना स्थल की ओर रवाना हुई और इस दौरान 80-100 हथियार बंद माओवादियों ने पुलिस जवानों पर फायरिंग की। लगभग 90 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में पुलिस जवानों के साहस के साथ की गई। जवाबी कार्यवाही ने नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। घटना में 10 नक्सली मारे गए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्रियां बरामद की गई। इस घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन बीजापुर पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने अपनी टीम तैयार की और घायल साथियों की सुरक्षित वापसी के लिए घटना स्थल की ओर रवाना हुए। पुलिस अधीक्षक गर्ग स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए आगे बढ़े और इस दौरान इंद्रावती नदी से दो किलोमीटर दूर घात लगाकर बैठे 40 से 50 नक्सलियों ने पुलिस पर अंधाधुंध गोली बारी शुरू कर दी। गर्ग ने जान की परवाह किए बिना तुरंत अपनी टीम को आगे बढ़ाया और घात लगाकर नक्सलियों पर हमला किया। उनकी रणनीतिक ऑपरेशन की योजनाएं बनाई और चतुराई से नक्सलियों का मुकाबला किया। 
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वीरता पदक से हुए अलंकृत
इस अदम्य साहस और बहादुरी के लिए पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के साथ ही उप निरीक्षक पिल्लुराम मंडावी, सहायक उप निरीक्षक जोगीराम पोड़ियाम, प्रधान आरक्षक हिड़मा पोड़ियाम, प्रधान आरक्षक प्रमोद कुड़ियाम, प्रधान आरक्षक बलराम कश्यप, आरक्षक बीजूराम मज्जी, आरक्षक बुधराम हपका, आरक्षक लक्ष्मीनारायण मरपल्ली, आरक्षक मंगलू कुड़ियाम को पुलिस के 'वीरता पदक' से अलंकृत किया गया। स्वर्गीय बुधराम हपका का पुरस्कार उनकी पत्नी ने प्राप्त किया। 

घात लगाकर बैठे नक्सलियों से निरीक्षक लक्ष्मण केंवट ने लिया लोहा
राजनांदगांव जिले में 2 अगस्त साल 2019 को दरेकसा क्षेत्र समिति के 8-10 सदस्यों की उपस्थिति के संबंध में सूचना मिलने पर जिले की पुलिस टीम किआ ओर से ऑपरेशन रिमझिम-1 चलाया गया। थाना बाघ नदी अंतर्गत काला पहाड़ में ऑपरेशन के दौरान जब पुलिस पार्टी आगे बढ़ रही थी, तब घात लगा कर बैठे नक्सलियों ने पुलिस जवानों को जान से मारने और हथियार लूटने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान निरीक्षक लक्ष्मण केंवट ने साहस पूर्वक इस अभियान का नेतृत्व किया और निडरता से कवर फायर करते हुए पुलिस पार्टी को फंसाने के नीयत से बिछाई आईईडी से बच निकले। गोलीबारी करीब ढाई घंटे तक चली। घटना स्थल की तलाशी में 5 महिला माओवादी और 2 पुरूष माओवादी के शव के साथ बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए। इस अदम्य साहस और बहादुरी के लिए निरीक्षक लक्ष्मण केवट को ‘पुलिस के वीरता पदक‘ से अलंकृत किया गया। 

सिविल ड्रेस में आए नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने किया ढेर
उपपुलिस अधीक्षक शेरबहादुर सिंह ठाकुर और आरक्षक छत्रपाल साहू को पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया। बीजापुर जिले में सेवा के दौरान पुलिस कर्मियों ने खुफिया इनपुट प्राप्त होने पर सर्चिंग अभियान चलाया। सर्चिंग के दौरान केतुलनार के जंगल में पहुंची। पुलिस टीम पर कैजुअल सिविल ड्रेस में आए नक्सलियों ने अचानक गोली बारी शुरू कर दी। एसडीओपी शेरबहादुर सिंह ठाकुर और उनकी टीम ने तेजी से स्थिति को संभालते हुए आत्म रक्षा में जवाबी गोली बारी की। 10 मिनट तक हुए फायरिंग में नक्सली जंगल की ओर भाग निकले। घटना स्थल के सर्चिंग के दौरान एक माओवादी के शव सहित भारी मात्रा गोलाबारूद बरामद किए। 

वीरता पुरस्कार से हुए अलंकृत
बीजापुर जिले में 27 अप्रैल 2018 को हुए नक्सली घटना में उप निरीक्षक सुरेश जव्वा, प्रधान आरक्षक सुशील जेट्ठी, प्रधान आरक्षक बड़दी धरमैया, आरक्षक मंगलू कोवासी, आरक्षक मुकेश कलमू, आरक्षक रमेश पेरे को अदम्य साहस और बहादुरी की वीरता पुरस्कार से अंलकृत किया गया। उसके साथ ही बीजापुर जिले में 2 मार्च 2018 को हुए नक्सली घटना के दौरान अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने के लिए  उप निरीक्षक अरूण कुमार मरकाम, प्रधान आरक्षक लच्छिन्दर कुरूद, प्रधान आरक्षक मनोज कुमार मिश्रा, आरक्षक लीलांबर भोई, आरक्षक अजय कुमार बघेल को वीरता पुरस्कार से अलंकृत किया गया। 

राष्ट्रपति का पुलिस पदक और भारतीय पुलिस पदक से सम्मानित हुए अधिकारी
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक जिला दंतेवाड़ा रेन्ज के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप को प्रदान किया गया। सराहनीय सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक नेहा चंपावत पुलिस महानिरीक्षक, राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो, नई दिल्ली, सुरजन राम भगत सेनानी, 22 वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ बल जिला-कांकेर, भावना पांडेय जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा भिलाई, उप निरीक्षक गनपत प्रसाद पांडेय जिला गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही, कंपनी कमांण्डर तेलेस्फोर मिंज, सहायक सेनानी राजेश कुमार शर्मा 9वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ बल जिला दंतेवाड़ा, प्लाटून कमांडर थाक बहादुर सोनी प्रथम वाहिनी छत्तीसगढ़ बल भिलाई, प्रधान आरक्षक वेद कुमार मंडावी यातायात कार्यालय जिला कांकेर, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह यातायात बिलासपुर, उप सेनानी प्रकाश टोप्पो 15वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ बल जिला बीजापुर को प्रदान किया गया।  

गृह और नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक संभागीय सेनानी नगर सेना रायपुर संभाग अनिमा एस कुजूर, कंपनी क्वार्टर मास्टर नगर सेना धमतरी मदनलाल और नगर सेना कोरबा के सैनिक चन्द्रिका सिंह कंवर को प्रदान किया गया।
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