छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रत्याशियों की जारी होने वाली लिस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि कहा कि कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची 'बीरबल की खिचड़ी' की तरह बन गई है। न बीरबल की खिचड़ी पक रही है और न ही कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची जारी हो रही है। सीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ज्यादा नहीं तो, कम से कम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम की घोषणा ही कांग्रेस कर देती। सवाल करते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस में सीएम की टिकट भी फाइनल नहीं हो पा रही है? कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा था कि कांग्रेस की सूची 6 सितंबर तक आएगी। फिर दूसरी तारीख 8 सितंबर दी गई, लेकिन सितंबर से अक्टूबर शुरू हो गया, कांग्रेस की सूची कब आएगी, किसी को पता नहीं है। कुमारी शैलजा को पहली बार किसी राज्य में कांग्रेस के इतने बड़े अंतर्कलह का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी श्रीवास्तव ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी प्रत्याशियों की सूची जारी करने के लिए तारीख-पर-तारीख दे रही है, दूसरी तरफ उप-मुख्यमंत्री सिंहदेव कहते हैं, प्रत्याशी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। जल्दी टिकट जारी करने से कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दरअसल, उपमुख्यमंत्री को मालूम है कि कांग्रेस में जो ज्वालामुखी बना हुआ है, वह कभी भी फट सकता है। अपने प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस इतनी कन्फ्यूज है कि पहले ब्लॉक स्तर से आवेदन मंगाए जाते हैं, दूसरी तरफ उप-मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी सर्वे के आधार पर टिकट देने की बात करते हैं, जो बताता है कि कांग्रेस संशय में है कि टिकट देने का आधार किसे माना जाए? आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के सर्वे में मुख्यमंत्री बघेल की परफॉर्मेंस खराब है। इसलिए पार्टी ने चुनाव समिति में सामूहिकता के साथ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है तभी मुख्यमंत्री के लिए बघेल का चेहरा घोषित नहीं किया।
'कांग्रेस में चरम पर गुटबाजी'
संजय श्रीवास्तव ने आरोप लगाते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची 'बीरबल की खिचड़ी' की तरह हो गयी है! जो बताता है कि कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है। इसलिए मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और गृह मंत्री में तालमेल नहीं दिख रहा है। देश के राजनीतिक इतिहास में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पहली ऐसी सरकार है, जो अपने काम, प्रभाव और उपलब्धियों के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भाजपा की पूर्ववर्ती राज्य सरकार पर दोषारोपण करके चुनाव के मैदान में जा रही है।
'मुख्यमंत्री बघेल का पाटन में परफॉर्मेंस ठीक नहीं'
भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बघेल की खुद की परफॉर्मेंस पाटन में ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री बघेल ने पाटन में प्रशिक्षण शिविर में कहा था 'मैं नामांकन भरने आऊंगा, चुनाव जिताने की जिम्मेदारी आपकी है।' क्या इसीलिए कांग्रेस अपने मुख्यमंत्री के टिकट की घोषणा नहीं कर रही है? मुख्यमंत्री बघेल कहते हैं, दो-चार विधायकों की परफॉर्मेंस ठीक नहीं है। यदि सभी विधायकों और मंत्रियों की परफॉर्मेंस इतनी अच्छी है, तो कांग्रेस क्यों नहीं 71 विधायकों को टिकट देने में आम सहमति बना पा रही है? कांग्रेस के टिकट को लेकर इसलिए आम राय नहीं बन पा रही है क्योंकि कांग्रेस की मंडी सजी हुई है और जिसकी दुकान में जितना सौदा, उसको उतना फायदा; इसलिए एक-दूसरे को निपटाने में लगे हुए हैं। यहाँ तक कि कांग्रेस की सूची में तो कई सिंगल नाम ही भेजे गए थे। जमीनी स्तर पर कांग्रेस में चल रहे इस भ्रष्टाचार की भनक लगते ही पैनल मंगाए गए। कांग्रेस की प्रदेश सरकार की हालत तो यह है कि पांच साल का कार्यकाल बीतने को है, प्रदेश के शत-प्रतिशत निगम-मंडलों में नियुक्तियां तक यह सरकार नहीं कर पाई है!
'प्रियंका वाड्रा को सिंहदेव के इस्तीफे वाली चिठ्ठी पढ़नी चाहिए थी'
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी प्रदेश की भूपेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि 16 लाख गरीब परिवारों को आवास से वंचित रखने वाली 'भू-पे' सरकार की नेता प्रियंका वाड्रा 10 लाख आवास देने की बात करती हैं। यह कहने से पहले उन्हें उप मुख्यमंत्री सिंहदेव की पंचायत मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफे वाली चिठ्ठी पढ़ लेनी चाहिए थी। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री आवास योजना को लॉन्च किया गया था, लेकिन लाभ गरीब जनता को नहीं, बल्कि कांग्रेस के नेताओं को दिया गया, जो बताता है कि किस षड्यंत्र के तहत और क्यों मुख्यमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री आवास रोके गए थे।
'कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए कुछ भी घोषणा कर सकती है'
छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि कांग्रेस केवल कहती है, करती कुछ नहीं है। कांकेर में प्रियंका गांधी के बयान 'कांग्रेस की सरकार दोबारा बनी तो छत्तीसगढ़ में जाति जनगणना कराई जाएगी' पर पलटवार करते हुए कहा कि जाति जनगणना राष्ट्रीय मुद्दा है। राहुल गांधी चुनाव से गायब हैं। गंगाजल लेकर कसम खाए थे कि शराबबंदी करेंगे पर कुछ नहीं हुआ। कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए कुछ भी घोषणा कर सकती है। 10 लाख गरीबों को मकान देने के सवाल पर कहा कि पीएम आवास के तहत भूपेश सरकार ने केंद्र को अपना राज्यांश नहीं दिया है। वहीं बीजेपी प्रत्याशियों के संभावित सूची के वायरल होने पर कहा कि ये पार्टी की अधिकृत सूची नहीं है।