नगरनार स्टील प्लांट को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। मामले में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आज कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीवन भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि शाह एक फिर झूठ बोलकर गए। उन्होंने कहा कि बस्तर एनएमडीसी संयंत्र नहीं बेचा जायेगा। यदि नगरनार संयंत्र नहीं बेचा जा रहा तो इसका फैसला कब हुआ। कब केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नगरनार संयंत्र को विनिवेशीकरण की सूची से बाहर किया, उसको नहीं बेचने का आदेश कहां है? मामले में मोदी और अमित शाह जवाब दें?
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नगरनार प्लांट को बेचने का फैसला कर लिया है। इसके बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। 14 अक्टूबर 2020 में भारत सरकार ने एनएमडीसी (नगरनार) स्टील प्लांट में 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया था। उक्त कार्य के लिए भारत सरकार के वित्त विभाग के अधीन “निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग” (डीआईपीएएम) को सौंपा गया। यह निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की ओर से लिया गया है। इस बैठक में नगरनार स्टील प्लांट के राजनीतिक विनिवेश का कार्य सितंबर 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया। (पीआईबी रिपोर्ट)। उक्त निर्णय के क्रियान्वयन के लिए “दीपम” (डीआईपीएएम) ने 2 दिसंबर 2022 को नगरनार की रणनीतिक बिक्री के लिए प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित की गयी। इस निविदा के संबंध में निजी निवेशकों को अन्य जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रश्न जमा करने की अंतिम तारीख 29 दिसंबर 2022 तथा बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2023 रखी गयी थी।
देशभर के चुनाव में कांग्रेस 5-0 से जीतने का दावा
सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पांच राज्यों में जनता को जिस घड़ी का इंजार था वह समय अब आ गया है। आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और किसान और युवाओं के साथ-साथ लगभग हर वर्ग के साथ भाजपा ने धोखा एवं विश्वाघात किया है। सार्वजनिक कंपनियां को बेचा है। अब जनता उसका सही फैसला करेगी। प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित ज्यादातर केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ में आकर झूठ बोलते हैं, स्तरहीन राजनीति करते हैं और महंगाई, बेरोजगार, किसानों की समस्याओं, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों तथा हर स्तर पर फेल भाजपा सरकार की असफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने का कुत्सित प्रयास करते हैं।
'बीजेपी छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार कर रही'
तिवारी ने कहा है कि ‘‘मोदी सरकार’’ लगातार छत्तीसगढ़ के साथ भेदभाव पूर्ण सौतेला व्यवहार करती रही है। छत्तीसगढ़ के हक और अधिकारों का हनन कर रही है केंद्रीय योजनाओं की धनराशि ही समय पर नहीं प्रदान की जाती है जिससे समयबद्ध ढंग से उन योजनाओं की शुरुआत नहीं होती है। यही नहीं छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली तमाम ट्रेनों को भी निरस्त कर दिया जाता है। जिससे जनता को अपनी आवश्यकताओं के लिये एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में परेशानी होती है। छत्तीसगढ़ में जनता की अदालत में जाने के लिये भारतीय जनता पार्टी के पास कोई मुद्दा नहीं रह गया है जिसको लेकर वह जनता के सामने जाये और न ही कोई लोकप्रिय चेहरा ही उसके पास है, जिसके मुखौटे पर वह चुनाव मैदान में उतर सके। तिवारी ने दावा करते हुए कहा है कि विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बन रही है, मिजोरम में कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।
'सही साबित होगी, आरएसएस की भविष्यवाणी'
तिवारी ने दावा करते हुए कहा है कि इस चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वह भविष्यवाणी सही साबित होगी जो उन्होंने अपने मुखपत्र आर्गनाइजर में चिंता व्यक्त करते हुये कहा था कि अकेले दम पर ‘‘मोदी’’ अब जिताऊ चेहरा नहीं रहे। हमें जीतने के लिये अब कुछ और करना होगा। इस पर चिंतन की आवश्यकता है। हिमांचल एवं कर्नाटका में न दुखड़ा चला न मुखड़ा चला। इन पांच राज्यों के चुनाव में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की यह आशंका सही साबित होगी और हिमांचल प्रदेश से निकली हुई मोदी के पराजय की श्रृंखला कर्नाटक होते हुये तेलंगाना, मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान होकर पूरे देश में लोकसभा के चुनाव में उसका सफाया करेगी। आखिर झूठे और खोखले वायदे से मोदी जी देश की जनता को कब तक भ्रमित करते रहेंगे। आगामी 3 दिसंबर 2023 की सुबह का सूरज जैसे-जैसे ढलता जायेगा वैसे-वैसे भाजपा की पराजय का नया अभूतपूर्व इतिहास देश की जनता लिखेगी, और शाम होते-होते इन पांच राज्यों (तेलंगाना, मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान) में कांग्रेस का तिरंगा फहर जायेगा।