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'मैं और मेरा के भाव से प्रेरित हैं भूपेश': केदार बोले- जब सत्ता में थे तो राज्य को लूटा, EVM पर उठा रहे सवाल

Fri, 29 Mar 2024 04:58 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

Lok Sabha Elections 2024: बस्तर लोकसभा प्रत्याशी कवासी लखमा के टिकट को लेकर दिये बयान पर छत्तीसगढ़ बीजेपी ने जोरदार जुनाबी हमला बोला है।
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प्रेस ब्रीफ करते बीजेपी पदाधिकारीगण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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Lok Sabha Elections 2024: बस्तर लोकसभा प्रत्याशी कवासी लखमा के टिकट को लेकर दिये बयान पर छत्तीसगढ़ बीजेपी ने जोरदार जुनाबी हमला बोला है। भाजपा जिला कार्यालय एकात्म परिसर रायपुर में प्रेस ब्रीफ में बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कवासी लखमा चुनाव में हार को देखते हुए इस तरह का बहाना बना रहे हैं। पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर कहा कि कांग्रेस के कई सीनियर नेता उनके खिलाफ बोल रहे हैं। ऐसे में अपनी हार को देखते हुए बघेल कई तरह के बहाने बना रहे हैं। 

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बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने कहा कि भूपेश बघेल स्व के भाव से प्रेरित हैं। मैं और मेरा के भाव से प्रेरित हैं। जब वह सत्ता में रहे तो मैं और मेरा के भाव से छत्तीसगढ़ महतारी की संपदा को लूटा। तानाशाही रवैया से कई अधिकारियों और नेताओं को दबाकर अपराध की दलदल में धकेला। महादेव सट्टा हो या कोल स्कैम, मैं और मेरा के भाव से कई नेता, अधिकारी जेल में हैं तो कई बेल पर। कांग्रेस पार्टी को नुकसान कराया। स्व के भाव ने कांग्रेस से सत्ता छीन ली। उन्हें पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। जब लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई तो उन्होंने कहा था कि मैं लोकसभा चुनाव नहीं लडूंगा, बाकी लोग लड़ेंगे। उन्हें स्पष्ट रूप दिखाई दे रहे था कि छत्तीसगढ़ की जनता ने उनके भाव को समझ लिया है। वह अपने लिए राजनीति करते हैं, इसलिए वह तैयार नहीं थे। उन्हें मालूम था कि रायपुर से नहीं जीत नहीं पाएंगे, तभी राजनांदगांव भाग खड़े हुए। अब राजनांदगांव में भी उन्हें हार स्पष्ट दिखाई दे रही है। क्योंकि वहां के कांग्रेस कार्यकर्ता सुरेंद्र वैष्णव ने उनके सामने मंच पर कहा  था कि अब आपको फुर्सत मिली है। जब वो सत्ता में थे तब कार्यकर्ताओं का काम नहीं किया। अब आपको कार्यकर्ताओं से मिलने की याद आई है। इसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। 

उन्होंने कहा कि जब साल 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी, तो वो सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के पहुंच गए। अब ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान में ईवीएम से चुनाव हुए और कांग्रेस की सरकार बनी तो अच्छा था। वर्ष 2004 से 2014 तक कांग्रेस की मनमोहन सरकार रही तो ईवीएम अच्छा था। क्या मनमोहन सिंह को उस समय कम अनुभव था जो उन्होंने बैलेट पेपर चालू नहीं करवाया। भूपेश बघेल स्वग्रसित व्यक्ति हैं। अब वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं एक सीट से 375 लोग चुनाव में खड़े हो, तो बैलेट पेपर से चुनाव होगा। 
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उन्होंने कहा कि भूपेश ये जान लें कि अब जतना के हाथ में छड़ी है। वो भारतीर संविधान का मजाक उड़ा रहे हैं । वो कांग्रेस पार्टी का कब्र खोद रहे हैं। वह अपने पार्टी को बताने जा रहे हैं कि 375 लोग खड़े हो गए तो इसलिए हम नहीं जीत पाए। भूपेश बघेल ने अभी से मानसिक रूप से अपनी हार स्वीकार कर ली है। उनके कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल के पिता ने खुद कहा था कि उन्हें पार्टी से निकाल दो। ऐसे नेता को जनता कैसे वोट देगी। 

बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि कवासी लखमा का बयान' बहू लेने गया था दूल्हा बना दिया' बस्तर की जनता का अपमान है। ऐसे लोग सांसद बनकर जनता की सेवा करना ही नहीं चाहते आखिर उन्हें जनता क्यों चुनेगी। कवासी लखमा ने कहा मैंने दीपक बैज को टिकट देने बोला था। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक को जनता का माध्यम मानती है कवासी लखमा की सोच ऐसी है कि वह दूल्हा-दुल्हन पर उतर आए हैं। यानी सेवा का भाव इन कांग्रेसियों में कहीं नहीं है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि अपनी हार को देखकर लखमा का दिमागी संतुलन बिगड़ गया है। 

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