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Bijapur: विधायक विक्रम मंडावी बोले- आदिवासियों को ख़त्म करना चाहती है सरकार, सुरक्षा देने में विफल

Tue, 16 Jul 2024 07:17 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार षड्यंत्र पूर्वक बस्तर के आदिवासियों को किसी न किसी तरीक़े से हत्या कराना चाहती है। चाहे निर्दोष ग्रामीणों का फर्जी मुठभेड़ हो, चाहे नक्सली की गोलियो से हत्या हो या फिर बीमारियों से मौत हो। 
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विधायक विक्रम मंडावी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिला मुख्यालय बीजापुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि पोटाकेबिन में अध्ययनरत दो छात्राओं की मौत दुःखद है। उन्होंने आगे कहा कि तारलागुड़ा और संगमपल्ली पोटाकेबिन में मलेरिया से छात्रों की हुई मौत को रोका जा सकता था। इस घटना से पालकों में डर और भय का माहौल है। पालक अपने अपने बच्चों को पोटाकेबिन से वापस घर ले जा रहे है। इन सारे चीजों को देखने से ऐसा लगता है कि प्रशासन के निचले स्तर से लेकर बड़े स्तर तक लापरवाही बरती गई है। विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया कि इस मामले में ज़िला प्रशासन पूरी तरह दोषी है।

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विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार षड्यंत्र पूर्वक बस्तर के आदिवासियों को किसी न किसी तरीक़े से हत्या कराना चाहती है। चाहे निर्दोष ग्रामीणों का फर्जी मुठभेड़ हो, चाहे नक्सली की गोलियो से हत्या हो या फिर चाहे बीमारियों से मौत हो हर तरह से आदिवासियों की ही मौत हो रही है। भाजपा सरकार आदिवासियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल है।

वहीं प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जांच दल की संयोजक नीना रावतिया उद्दे ने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से आदिवासी क्षेत्र में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। पोटाकेबिन में अध्ययन करने वाले छात्रायें मलेरिया से ग्रसित है और भाजपा सरकार में छात्रों का मलेरिया से इलाज नहीं हो पाना दुःख की बात है। सोमवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बीजापुर के दौरे पर रहे। 
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पीड़ित परिवार के लोग स्वास्थ्य मंत्री से मिलना चाहते थे। लेकिन मंत्री जी बीजापुर में ही औपचारिकता निभाकर चले गये। नीना रावतिया उद्दे ने कहा कि छात्रावासों में न नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता है और न ही स्वच्छता का ख़्याल रखा जा रहा है जैसे ही किसी छात्रा की तबियत ज़्यादा ख़राब हो जाती  है तो अधीक्षक छात्र का इलाज करवाने के बजाय  उसे परिजनों को घर ले जाने को कहते है। नीना रावतिया उद्दे ने आगे कहा कि जिले में अधीक्षक से लेकर बड़े अधिकारी केवल भ्रष्टाचार करने में लगे है। 

विदित हो कि तारलागुड़ा और संगमपल्ली पोटाकेबिन में अध्ययनरत छात्रों की मलेरिया से हुये मौत को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने ज़िला पंचायत सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस की महामंत्री नीना रावतिया उद्दे के नेतृत्व में 9 सदस्यीय जांच दल का गठन किया था।

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