परिजन बच्चे को लेकर गांव लौट रहे थे। इसी बीच किसी ने अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी। तब जाकर आनन-फानन अस्पताल प्रबंधन ने एम्बुलेंस भेजकर उन्हें गांव भिजवाया। इस बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी उसूर उमेश ठाकुर से वास्तविक जानकारी लेने के लिए उन्हें कई बार कॉल की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
वहीं इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर बीआर पुजारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि घटना सुबह की है। बच्चे की तबीयत खराब होने से परिजन उसे पहले कहीं और लेकर गए थे। इसके बाद वे अस्पताल पहुंचते कि उससे पहले ही बच्चे की मौत हो गई। सीएमएचओ पुजारी ने आगे बताया कि बच्चे की मौत कैसे हुई, ये जांच के बाद पता चल पाएगा।