फरवरी माह से नहीं मिला मानदेय
दरअसल, बिहान के अंतर्गत काम करने वाली सैकड़ों महिलाएं सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गई। महिलाओं ने वहां जमकर हंगामा किया और अफसरों को भी खूब सुनाया। महिलाओं का कहना था कि वह एक गांव से दूसरे गांव जाकर स्वयं सहायता समूहों का निर्माण करती हैं। इसके लिए उनका तीन हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय निर्धारित है, लेकिन उन्हें फरवरी माह से दिया ही नहीं गया है। उसके पहले भी जो मानदेय दिया गया, उसमें भी कटौती की गई। अब बिल्कुल ही देना बंद कर दिया गया है।