सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम साय से की मुलाकात
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की है। इस दौरान सीएम साय ने कहा कि बलौदाबाजार जिले की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सतनामी समाज इस घटना को लेकर बहुत दुखी है। इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने इस दौरान समाज के लोगों को आश्वस्त किया कि निर्दोष लोगों को किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया जाएगा, लेकिन दोषी पाए जाएंगे उन्हें किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों को भरोसा दिलाया कि शासन- प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पूर्णतः न्यायसंगत होगी।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार हर समाज में शांति एवं सद्भावना बनाये रखने के साथ विकास के लिए कृत-संकल्पित है। सरकार के इस कार्य को अंजाम देने में शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले सतनामी समाज का भी पूर्ण सहयोग है। उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई निर्दोष ना फंसे इसके लिए भी शासन-प्रशासन पूरी तरह से सजग है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि सरकार की ओर से राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में समिति गठित है। इस समिति के समक्ष निर्दोष लोगों के बारे में समाज द्वारा जानकारी दी जा सकती है, ताकि ऐसे व्यक्ति जो घटना में संलिप्त नहीं हैं, उन पर कोई कार्रवाई ना हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में शांति एऔरवं सद्भावना बनाये रखने के लिए किए जा रहे कार्यों में समाज की पूर्णतः सहभागिता है और आगे भी रहेगी। साय ने कहा कि सतनामी समाज बाबा गुरु घासीदास का अनुयायी है और यह सदैव से एक शांतिप्रिय समाज रहा है। सतनामी समाज इस घटना की कड़ी निंदा करता है। घटना को असमाजिक तत्वों द्वारा अंजाम दिया गया है। इसमें समाज की कोई संलिप्तता नहीं है। समाज मे इस घटना को लेकर गहरा दुख है। हम चाहते हैं कि जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना होने पाए।
सीएम विष्णुदेव साय में राजधानी स्थित निवास कार्यालय में राजागुरु धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब जी के नेतृत्व में आये सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। इस दौरान आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब सहित प्रदेश भर से आये सतनामी समाज के राजमहन्त भी उपस्थित थे।सतनामी समाज से राजमाता गुरुमाता प्रवीण माताजी, गुरु सोमेश बाबा, गुरु सौरभ साहेब सहित राजमहन्त जैत कुमार सतनामी, राजमहन्त अनूप सतनामी, राजमहन्त कामता प्रसाद, राजमहन्त कुंजन सहित अनेक लोग उपस्थित थे।