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लड़की के मुंह में डाली जलती लकड़ी: आश्रम में सेवादारों ने पीटा, दूसरे अंग भी जलाए, भोग को लेकर हुआ था विवाद

Thu, 02 Mar 2023 04:36 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महासमुंद

सार

पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि भोग लगाने के संबंध में उनका जागृति से विवाद हो गया था। ऐसे में गुस्से में आकर उन्होंने ऐसा काम किया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त लकड़की का डंडा, जली हुई लकड़ी बरामद की है। 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद स्थित जय गुरुदेव मानस आश्रम में एक नाबालिग लड़की से वहां के सेवादारों ने हैवानियत की। लड़की के मुंह में जलती हुई लकड़ी रख दी। उसे जमकर पीटा और शरीर के अन्य अंगों को भी जला दिया। गंभीर हालत में लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर उपचार नहीं मिलता तो लड़की की जान भी जा सकती थी। पुलिस ने इस मामले में गुरुवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सेवादारों का भोग को लेकर लड़की से विवाद हुआ था। 

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भाई ने दो दिन पहले दर्ज कराई थी एफआईआर
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के अभनपुर निवासी मनीष सिन्हा ने 28 फरवरी को बागबहरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसमें बताया गया कि 24 फरवरी को उसकी 17 साल की छोटी बहन जागृति से जय गुरूदेव मानस आश्रम पतेरापाली के सेवादारों नरेश पटेल, भोजराम साहू, राकेश दीवान ने मारपीट की। आरोप लगाया कि गाली-गलौज करते हुए तीनों ने उसकी बहन को डंडे से पीटा और जलती हुई लकड़ी उसके मुंह में डाल दी। इसके अलावा पैर, जांघ, पीठ, दोनों हाथ, गला, मुंह, होठ, जीभ और तालु भी जला दिए। 

आश्रम में हुए अत्याचार के खिलाफ कलार समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर ज्ञापन सौंपा। - फोटो : संवाद
डॉक्टर बोले- समय पर इलाज नहीं मिलने से हो सकती थी मौत
मनीष ने पुलिस को बताया कि जागृति गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए बागबाहरा के चंडी अस्पताल में भर्ती किया गया है। शिकायत पर पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। अफसरों के निर्देशन में एक टीम चंडी अस्पताल रवाना हुई और जागृति का मेडिकल कराया गया। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया कि जागृति को लगी चोट गंभीर प्रकृति की है। अगर समय पर इलाज नहीं मिलता तो उसकी मौत हो सकती थी। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास और मारपीट की एफआईआर दर्ज कर ली। 
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आश्रम में छिपे मिले तीनों आरोपी
जांच के दौरान आरोपियों की तलाश में पुलिस आश्रम तक पहुंच गई। तीनों आरोपी वहीं छिपे हुए थे। उन्हें तलाश कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि भोग लगाने के संबंध में उनका जागृति से विवाद हो गया था। ऐसे में गुस्से में आकर उन्होंने ऐसा काम किया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त लकड़की का डंडा, जली हुई लकड़ी बरामद की है। तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। 
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