काम की बात कह दो दिन पहले छत्तीसगढ़ से निकाला था रोहित
मामा गजानंद वर्मा ने बताया कि रोहित दो भाई-बहन हैं। उसके पिता का भी देहांत हो चुका है। दो दिन पहले ही रोहित अपने दोस्तों के साथ छत्तीसगढ़ से काम पर जाने की बात बोलकर निकला था। मामा ने बताया कि सोमवार दोपहर को ही किसी के मोबाइल से फोन करके रोहित ने बताया था कि उसके पास पैसे खत्म हो गए हैं। 200 रुपये इसी नंबर पर ऑनलाइन भेज दो। इतने में 200 रुपये भेज दिए। उस समय यह नहीं पता था कि रोहित अंबाला में है। साथ ही रोहित ने यह भी बताया था कि उसे दो दोस्त पीछे छूट गए हैं। शाम को पुलिस से सूचना मिली कि वह हादसे का शिकार हो गया है।
एक युवक ओएचई पर चढ़ गया था। सूचन मिलते ही ओएचई की तारों को बंद करवा दिया था लेकिन उसे पहले ही युवक कूद गया था। डॉक्टर को बुलवाने के बाद उपचार के लिए छावनी नागरिक अस्पताल भेज दिया था। गौरी शंकर, एएसएम, छावनी रेलवे स्टेशन।