कोरोना की दूसरी लहर अपना कहर बरपा रही है। इस बार उसके शिकार होने वालों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। जन्म से 14 साल के बच्चे सबसे ज्यादा संक्रमण की चपेट में हैं। विशेषज्ञ इस स्थिति को बेहद चिंताजनक मान रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना की पहली लहर में 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग अधिक संक्रमित हुए थे जबकि दूसरी लहर में स्थिति ठीक उलट है। इस बार महज 15 प्रतिशत मरीज 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं , बाकी 85 प्रतिशत मरीजों में बच्चे, युवा और 59 साल से कम उम्र के मरीज शामिल हैं।
बच्चों और युवाओं में संक्रमण के बढ़ते स्तर को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ग को भी जल्द से जल्द टीका लगना शुरू करा देना चाहिए, ताकि इन पर संक्रमण की चेन को नियंत्रित किया जा सके। मौजूदा समय में 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। तेजी से बढ़ते संक्रमण के दौरान भी बच्चे और युवाओं का घर से बाहर जाना जारी है।
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा के डॉ. रविन्द्र खईवाल का कहना है कि बच्चे अब भी पार्कों में खेलते नजर आ रहे हैं। वहीं युवा वर्ग दोस्तों के साथ घर के बाहर गतिविधियां कर रहा है। इनकी लापरवाही के कारण यह खुद तो संक्रमित हो ही रहे हैं साथ ही अपने घर के बुजुर्गों की भी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए जरूरी है कि बच्चे बुजुर्गों से दूरी बना लें या जब भी बुजुर्गों के पास जाएं तब थ्री लेयर मास्क का इस्तेमाल अवश्य करें।