सड़क पर पांच घंटे तक दर्द से कराह रहे एक युवक को पीसीआर और एंबुलेंस ने अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। यह मामला चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाने के बाद युवक को अस्पताल ले जाया गया। युवक को पांच घंटे बाद जीएमसीएच-32 में भर्ती कराया गया। तब जाकर उसे इलाज मिला।
हल्लोमाजरा में सोमवार सुबह 11.45 बजे सड़क किनारे एक विक्षिप्त युवक दर्द से कराह रहा था। आसपास के लोगों ने देखा तो उसके दाएं पैर में गहरा जख्म था, जिसमें कीड़े रेंग रहे थे। लोगों ने पीसीआर को जानकारी दी। जब कोई नहीं आया तो एंबुलेंस को कॉल किया। हैरानी की बात है कि एंबुलेंस चालक ने कहीं और ड्यूटी पर जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इसी बीच 5 घंटे का समय बीत गया।
घाव में रेंग रहे थे कीड़े
स्थानीय निवासी शशि शंकर तिवारी और कप्तान सिंह ने सबसे पहले 11.45 बजे पीसीआर को कॉल किया। उन्होंने बताया कि युवक के पैर में बने घाव में कीड़े रेंग रहे थे। जब कोई सहायता नहीं मिली तो एंबुलेंस और फिर 112 नंबर पर फोन किया गया तो जवाब मिला कि सहायता भेज दी गई है, लेकिन कोई नहीं आया। काफी समय बीतने के बाद स्थानीय बीट और पीसीआर वाहन मौके पर पहुंचा।
पीसीआर ने बीच रास्ते उतारा, एंबुलेंस ने कहा-अभी खाली नहीं
हल्लोमाजरा से पीसीआर ने युवक को उठाया। 10 मिनट बाद सूचना मिली कि कुछ दूर ले जाकर पीसीआर वालों ने युवक को उतार दिया है। वह युवक फिर उसी जगह पर लौट आया। उसे देखकर आसपास के लोगों ने शशि शंकर तिवारी और कप्तान सिंह को जानकारी दी।
उन्होंने एरिया की एंबुलेंस नंबर पर कॉल कर बताया, लेकिन निराशा हाथ लगी। एंबुलेंस चालक ने कहा कि वह अगले 2 घंटे तक व्यस्त है। इसी बीच किसी व्यक्ति ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी। इसके बाद आनन-फानन में मौके पर एंबुलेंस भेजकर युवक को जीएमसीएच-32 पहुंचाया गया। हालांकि, इन सब के बीच 5 घंटे का समय गुजर चुका था।
लावारिस के घाव पर खुद लगाई दवा
युवक को दर्द से कराहते देखकर शशि शंकर तिवारी ने खुद बेटाडिन खरीद कर घाव पर लगाई। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर में 5 घंटे तक सड़क पर तड़पना कितना तकलीफ देह है।
एंबुलेंस के पहुंचनेे में देरी होने की जानकारी नहीं है। ऐसी अनदेखी घोर लापरवाही है। मामले की जानकारी लेकर संबंधित कर्मचारियों से जवाब-तलब किया जाएगा।
- डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच-16 चंडीगढ़