स्वराज अभियान के प्रमुख योंगेंद्र यादव को एक बार फिर से 'आप' का साथ मिल सकता है। इसके आसार बने हुए हैं। दरअसल, योगेंद्र यादव ने आम आदमी पार्टी से निकाले गए नेताओं को अपने साथ मिलाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
उन्होंने आप से निलंबित किए गए सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी व हरिंदर सिंह खालसा सहित डॉ. दलजीत सिंह से प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प का नेतृत्व करने की अपील की है।
रविवार को स्वराज अभियान की पंजाब इकाई की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए यादव ने कहा कि उनके सभी साथी इस बात पर एकमत हैं कि ये नेता प्रदेश में एक मजबूत विकल्प की अगुवाई करें।
उन्होंने बताया कि बैठक में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि प्रदेश में शिअद, भाजपा व कांग्रेस के विकल्प की प्रबल संभावनाएं हैं। लोग इन सभी से तंग आ चुके हैं और कोई साफ-सुथरा पक्ष चाहते हैं, जो उनकी बात करे।
पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने आप को यह मौका दिया था, लेकिन कुछ लोगों की दिल्ली केंद्रित सोच की वजह से प्रदेश की जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है।
'आप' नेताओं का नजरिया भ्रष्ट राजनीति का
योगेंद्र बोले कि आप नेता तो भ्रष्ट राजनीति के नजरिए से अन्य दलों से भी आगे निकल गए हैं। पंजाब में उन्होंने जो किया सो किया, दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव में तो वह सभी हदें पार कर गए। राजनीतिक ताकत और पैसे का आप नेताओं ने वहां खुलकर इस्तेमाल किया।
पंजाब में भी वह इसी रास्ते पर चल पड़े हैं, लेकिन डॉ. गांधी, खालसा और डॉ. दलजीत ने ईमानदारी के साथ आवाज बुलंद करके जनता के साथ होने का सबूत दिया है। इसके लिए उन्होंने उन्हें बधाई भी दी थी। वह निरंतर इन नेताओं से फोन पर बातचीत करते रहते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि वह इन नेताओं की मदद से पंजाब में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प देने में कामयाब होंगे।
गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की सजा मिली
अपने बागी तेवर के चलते आप से निलंबित सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण की ओर से बनाए गैर राजनीतिक ग्रुप स्वराज अभियान में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। रविवार की शाम योगेंद्र यादव पटियाला में डॉ. गांधी के आवास पर पहुंचे और उनके साथ बैठक करके पंजाब के साथ-साथ दिल्ली की वर्तमान राजनीति पर विचार किया।
डॉ. गांधी ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि योगेंद्र यादव उनके अच्छे मित्र हैं। योगेंद्र यादव को पार्टी में हो रहे गलत काम के खिलाफ आवाज बुलंद करने का खामियाजा भुगतना पड़ा था। इसी तरह जब उन्होंने भी पंजाब में दिल्ली हाईकमांड के बेवजह दखल और अरविंद केजरीवाल की डिक्टेरशिप खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें भी पार्टी से निलंबित कर दिया गया।
डॉ. गांधी ने कहा कि यादव के साथ बैठक में पंजाब व दिल्ली की मौजूदा राजनीति पर विचार किया गया। पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार लोगों को लूट रही है। उधर, दिल्ली में केजरीवाल सरकार भी लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी है। आप का जिन सिद्धांतों को लेकर गठन किया गया था, उनसे पार्टी तेजी से नीचे गिर रही है।
इन सब पर योगेंद्र से बैठक में विचार हुआ। उन्होंने स्वराज अभियान में शामिल होने संबंधी कहा कि फिलहाल वह अपने स्टैंड पर कायम हैं कि वह पार्टी के बीच में ही रहकर संघर्ष करेंगे।
छपार के मेले से होगी शुरुआत
पंजाब में स्वराज अभियान के तहत योगेंद्र यादव अपनी मुहिम की शुरुआत आगामी 29 सितंबर को छपार मेले में एक कांफ्रेंस का आयोजन करके करेंगे। इसमें मनरेगा व ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े लोगों की समस्याओं पर चर्चा होगी।
वहीं, शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न मसलों, कपास की बर्बादी, एमबीबीएस में दाखिले की फीसों के संबंध में भी प्रदर्शन किया जाएगा। आगामी 2 अक्तूबर को चंडीगढ़ में ‘सबको समान सार्थक शिक्षा’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
आप में रहकर ही संघर्ष: डॉ. गांधी
सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने कहा कि वह आप में रहकर ही संघर्ष करेंगे। आप में हालात खराब हो चुके हैं, जिन्हें सुधारने के लिए वह प्रयास करेंगे।