साथ ही जजपा और निर्दलीय विधायकों के क्षेत्र में भी पंचायत होंगी। कहा कि 31 मार्च तक सामाजिक न्याय यात्रा भी जारी रहेगी, जिसमें विधायकों को भी मांगपत्र सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि मार्च में जिन 13 राज्यों में जाट समाज के लोग रहते हैं उनमें सभी सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे और उनसे कहा जाएगा कि वह जाट समाज को केंद्र की ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की सिफारिश के पत्र प्रधानमंत्री, सामाजिक न्याय मंत्री और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजें। सभा में विभिन्न प्रदेशों से लोग पहुंचे। इस मौके पर समिति के पदाधिकारी अशोक बल्हारा बीएस अहलावत, महेंद्र पूनिया, बलवान सिंह, जयभगवान डबास, रणबीर कोच, सुरेंद्र सिरसाढ़, रामभगत मलिक, ओमपाल देशमुख मौजूद रहे।
आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को किया गया याद
गन्नौर के गांव लड़सौली में ग्रामीणों ने आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों की याद में स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान हवन यज्ञ कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही पुष्पांजलि अर्पित की गई। ग्रामीण धर्मबीर मोर ने बताया कि वर्ष 2016 में आरक्षण आंदोलन के दौरान लड़सौली गांव के निकट जीटी रोड पर धरना दिया जा रहा था।
22 फरवरी को आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है। साथ ही देश व प्रदेश में लोगों का आपसी प्यार प्रेम व भाईचारा बना रहे इसके लिए यज्ञ का आयोजन किया गया है। इस दौरान भमबल मोर, नान्हा मोर, पंकज, रविंद्र मोर, विक्की, जयभगवान पहलवान, शमशेर, सुशील मोर व सुमित मौजूद रहे।