पिछले दिनों सोशल मीडिया पर पहलवानों की चल रही जुबानी जंग के बीच एक बार फिर मंगलवार सुबह पहलवान योगेश्वर दत्त सोशल मीडिया पर लाइव हुए। उन्होंने अपने सीनियर और कोचों को कहा है कि उनका मकसद कुश्ती की बदनामी या किसी का मजाक बनाना नहीं था।
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उन्होंने अपने कोच रामफल, रणबीर ढ़ाका, अनूप को सोशल मीडिया के जरिए संदेश दिया कि वह उनसे किसी तरह का आग्रह न करें, बल्कि उन्हें आदेश देते हुए अपनी बात रखें। वह भविष्य में कुश्ती को लेकर किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे। इसके साथ ही योगेश्वर ने कहा कि यदि उनके कारण कुश्ती की बदनामी होती है तो वह भविष्य में अपने कोच व सीनियर खिलाड़ियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर ही बोलेंगे। उन्हें दुख हो रहा है कि उनकी वजह से कुश्ती की बदनामी हो रही है।
योगेश्वर ने कहा कि मेरा ऐसा मकसद नहीं था कि मैं कुश्ती की बदनामी करूं। मैंने सोशल मीडिया पर जो कहा, वह सिर्फ मेरा भाव था। हर खेल का एक अवार्ड होता है ऐसे ही मेरी मांग है कि कुश्ती का भी एक अवार्ड होना चाहिए। मेडल वापस करने वाली बात पर कहा कि जब 2020 में कुश्ती बंद होने की बात हुई थी तो उन्होंने तय किया था कि वह कुश्ती को बचाएंगे, ना कि मेडल को। कुश्ती ने उनको बहुत कुछ दिया है, आज वह जो कुछ भी हैं वह कुश्ती की वजह से ही हैं।