पंजाब के पांच बड़े शहर ऐसे हैं, जहां ड्रग्स का सेवन तेजी से बढ़ रहा है। इनमें बठिंडा, पटियाला, होशियारपुर, अमृतसर और लुधियाना शामिल हैं। इस साल पूरे प्रदेश की अगर बात की जाएं तो अब तक बठिंडा में ड्रग्स के सबसे ज्यादा 325 केस दर्ज किए गए। इसी तरह पटियाल में 303, होशियारपुर में 242, अमृतसर रूरल में 270 और लुधियाना में 233 केस दर्ज किए गए।
अमृतसर के शहरी इलाकों में 175 केस दर्ज किए गए। सीएम भगवंत मान के गढ़ संगरूर की अगर बात करें तो यहां 212 केस दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, प्रदेश के बॉर्डर बेल्ट और कुछ एरिया में पुलिस ड्रग्स तस्करों को दबोचने में नाकाम साबित हो रही है। इन एरिया में सबसे कम मामले पकड़ में आए हैं। पुलिस ने पठानकोट में 34, गुरदासपुर में 75, मालेरकोटला में 96, रूपनगर में 68 और फतेहगढ़ साहिब में 92 केस ही दर्ज किए गए।
प्रदेश में हेरोइन, अफीम, गांजा, चरस के अलावा अन्य नशों के साथ कैप्सूल और नशीली दवाइयों का चलन बढ़ने लगा है। अकेले एसटीएफ ने पंजाब भर में अलग-अलग जगहों पर छापामारी कर 2 करोड़ 68 लाख 77 हजार 596 कैप्सूल व नशीली दवाइयां पकड़ी हैं। कैप्सूल और नशीली दवाइयों का चलन ज्यादातर फरीदकोट, बठिंडा और पटियाला क्षेत्र में बढ़ा है।
हेरोइन 487.360 किलो
अफीम 686.120 किलो
चूरापोस्त 23,805.08 किलो
चरस 77.696 किलो
गांजा 398.003 किलो
आइस 13.995 किलो
कैप्सूल-नशीली दवाइयां 2,76,97,291
पंजाब के हर हिस्से में पुलिस ड्रग्स तस्करों को दबोचने के लिए दिन रात काम कर रही है। पुलिस लगातार सर्च कर ड्रग्स तस्करों को दबोच रही है। इन आरोपियों पर तुरंत केस दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर अब ड्रग्स तस्करों की संपत्तियों को अटैच करना भी शुरू कर दिया है। -गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब।