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विश्व रक्तदाता दिवस: दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए आइए आज मिलकर करें रक्तदान

Sun, 14 Jun 2020 10:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • रक्तदान करने से नहीं आती कमजोरी, बढ़ता है खून का रिश्ता 
  • देश में मांग के अनुसार बहुत कम है खून देने वालों की संख्या  
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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दीजिए मौका अपने खून को किसी की रगों में बहने का, यही लाजवाब तरीका है कई जिस्मों में जिंदा रहने का...  कविता की यह लाइनें रक्तदान के महत्व को बखूबी बयां कर रही है। विश्व रक्तदाता दिवस के दिन 14 जून को दुनियाभर में लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता है, ताकि खून की कमी के कारण किसी मरीज की जान न जाने पाए। 

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विशेषज्ञों का कहना है कि खून देने से न तो कोई कमजोरी आती है न ही किसी प्रकार की परेशानी होती है। बल्कि एक बार खून देकर तीन कीमती जिंदगियों को बचाने में अपना योगदान दिया जा सकता है। रक्तदान से जुड़े रिपोर्ट यह बताते हैं कि अगर खून देने में समर्थ महज देश की 25% आबादी रक्तदान करे तो रक्तदान की कमी जैसी स्थिति हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। इसलिए आइए मिलकर रक्तदान करें और दूसरों की कीमती जिंदगी बचाने में अपना योगदान दें।  


यह भी पढ़ें- पीजीआई के पूर्व विशेषज्ञ बोले- लोग सावधानी बरतें तो देरी से चरम पर पहुंचेगा कोरोना, कमजोर भी पड़ेगा
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आज यहां कर सकते हैं रक्तदान  
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर पीजीआई और सेक्टर- 32 स्थित जीएमसीएच में रक्तदान शिविर लगाया गया है। रक्तदान करने वाले लोगों को इन दोनों स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए रक्तदान कराया जाएगा।  

क्या हैं ब्लड डोनेशन के फायदे, जानना जरूरी 

  • ब्लड डोनेशन से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। डॉक्टर्स का मानना है कि डोनेशन से खून पतला होता है, जो हृदय के लिए अच्छा होता है। एक नई रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेट करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।  
  • ब्लड डोनेट करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरुस्ती भी मिलती है। 
  • ब्लड डोनेशन सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है। 
  • ब्लड डोनेशन से आप लंबे वक्त तक जवां बने रहते हैं और स्ट्रोक व हार्ट अटैक से भी बचाव होता है।
  • डॉक्टरों के अनुसार, ब्लड डोनेट करने से शरीर में आयरन की मात्रा सही बनी रहती है। आयरन की अधिकता से लीवर टिशू का ऑक्सीडेशन होता है, जिससे वो डैमेज हो सकता है और आगे चलकर कैंसर बन सकता है। 
  • नियमित रूप से ब्लड डोनेट करने से लीवर डैमेज व कैंसर का जोखिम भी कम होता है। 
  • ब्लड डोनेशन से वजन घटाने में भी मदद मिलती है। एक बार ब्लड डोनेट करके 650-700 कैलरी घटा सकते हैं। 
  • कैलरी घटने से वजन भी कम होता है। लेकिन ध्यान रखें 3 महीने में केवल एक बार ही रक्तदान करना चाहिए।
  • ब्लड डोनेशन से मानसिक संतुष्टि भी मिलती है, क्योंकि आपके द्वारा डोनेट किए गए ब्लड से कम से कम 2-3 लोगों को नया जीवन दान मिलता है जिसे खुशी और मानसिक संतुष्टि का अहसास होता है। 
  •  रक्तदान से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है, जिसकी वजह से हमारा शरीर कई तरह की बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।    
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ये जानना भी बेहद जरूरी

  • रक्तदान करने से पहले छोटा सा ब्लड टेस्ट होता है। इसमें हीमोग्लोबिन टेस्ट, ब्लड प्रेशर व वजन लिया जाता है। 
  • ब्लड डोनेट करने के बाद इसमें हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, सिफलिस व मलेरिया आदि की जांच की जाती है। इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर डोनर का ब्लड न लेकर उसे तुरंत सूचित किया जाता है।
  • ब्लड की कमी का एकमात्र कारण जागरूकता का अभाव है। 
  • 18 साल से अधिक उम्र के स्त्री-पुरुष, जिनका वजन 50 किलोग्राम या अधिक हो, वर्ष में तीन बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं। 
  • ब्लड डोनेट करने योग्य लोगों में से अगर मात्र 3 प्रतिशत भी खून दें तो देश में ब्लड की कमी दूर हो सकती है। ऐसा करने से असमय होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।   
क्या कहते हैं आंकड़े 
4 करोड़ यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है हर साल 
5,00,000 यूनिट ब्लड ही हो पाता है मुहैया 
हमारे शरीर में कुल वजन का 7% हिस्सा होता है खून
25 प्रतिशत से अधिक लोगों को जीवन में पड़ती है खून की जरूरत 

क्या है विश्व रक्तदाता दिवस का महत्व 
विश्व रक्तदाता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है कि लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक किया जाए। स्वेच्छा से रक्तदान करने से ब्लड बैंकों में पर्याप्त मात्रा में ब्लड उपलब्ध रहेगा, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीज को आसानी से ब्लड मिल सके। रक्तदान करने से कई लोगों को नया जीवन दिया जा सकता है। देश-दुनिया में कई लोगों रोजाना खून की कमी से मर जाते हैं। इस दिन को मनाने से लोगों को याद दिलाया जा सकता है कि रक्तदान करना जरूरी है।  

विश्व रक्तदाता दिवस थीम 2020 
हर साल विश्व रक्तदान दिवस पर अलग-अलग थीम रखी जाती है। इस वर्ष की थीम है...सुरक्षित रक्त, बचाए जीवन ... 
ब्लड डोनेशन को लेकर मन में किसी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए। यह एक सतत प्रक्रिया है जो मानक के अनुसार करने पर शरीर को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता। रक्तदान से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जुड़ कर इस अभियान को सफल बनाना चाहिए। - डॉ जगतराम, पीजीआई डायरेक्ट   
खून देने से किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती। कई बार लोगों को इस दौरान होने वाले विभिन्न प्रकार की जांच से कई गंभीर बीमारियों के होने का पता चल जाता है। मेरा मानना है कि अगर हर सक्षम व्यक्ति खून दे तो देश में खून की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न ना नही होगी।  - डॉ. जी दीवान, स्वास्थ्य निदेशक
कोई भी व्यक्ति एक बार रक्तदान कर तीन जिंदगियों को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। जहां तक रक्तदान के फायदे की बात है तो उससे एक नहीं अनेक फायदे हैं। रक्तदान करने से दिल से लेकर दिमाग तक तंदुरुस्त रहता है।  -डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच 16
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