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अब यहां के अनाथालय में महिला हुई गर्भवती, प्रशासन के उड़े होश, नई जगह किया शिफ्ट

Wed, 05 Sep 2018 07:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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demo pic - फोटो : फाइल फोटो
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अनाथालय में एक महिला के गर्भवती होने का ताजा मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। घटना पंजबा के जालंधर की है। यहां गुलाब देवी रोड स्थित एक अनाथालय में महिला के गर्भवती होने के बाद प्रशासन ने उसे संजीवनी होम शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिये हैं। अधिकारियों के मुताबिक, तत्काल ऐसा कदम इसलिए उठाया जा रहा है, ताकि मानसिक रूप से ग्रस्त दिव्यांग महिला पर किसी तरह का प्रेशर न डाला जा सके।
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 बुधवार को टीचर्स डे होने के कारण डीसी वरिंदर कुमार शर्मा सरकारी समारोह में व्यस्त रहे, जिस कारण एसडीएम नवनीत कौर बल की रिपोर्ट डीसी के पास नहीं पहुंच सकी। डीसी द्वारा प्राथमिक जांच के लिए गठित टीम गुरूवार को अपनी रिपोर्ट डीसी को फाइल कर सकती है। अनाथालय में 37 वर्षीय मानसिक रोगी के गर्भवती होने के बाद उसका विवाह अधेड़ के साथ कराने का मामला सामने आया था।
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एक माह पहले कर दी थी शादी

डेमो - फोटो : डेमो
इस मामले की परतें खुलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा ने एसडीएम शाहकोट नवनीत बल के नेतृत्व में 6 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर तीन दिनों में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी नवनीत कौर के नेतृत्व में अनाथालय पहुंची जांच समिति ने महिला वार्डों का दौरा किया और स्टाफ से पूछताछ के बाद काफी रिकार्ड कब्जे में लिया है। 37 वर्षीय मुस्लिम महिला की शादी एक माह पहले ही फूलकांत निवासी दरभंगा से चोरी चुपके कर दी गई थी। 

उस समय महिला पांच माह की गर्भवती थी। फूलकांत कहता है कि उसे तो पता भी नहीं है कि महिला कौन है? एक माह पहले ही उसके साथ शादी की गई है। फूलकांत 42 साल है और महिला 37 साल की। मुस्लिम महिला आठ साल से अनाथालय में रह रही है जबकि फूलकांत दरभंगा का रहने वाला है और यहां पर एक निजी फैक्टरी में नौकरी करता था। इस दौरान उसकी आंखों की रोशनी चली गई। बाद में उसको अनाथालय भेज दिया गया और यहां पर आकर उसकी आंखों का ऑपरेशन हुआ तो वह ठीक हो रहा है।  
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 सवाल जिनकी जांच जरूरी 

demo pic
बहरहाल, एसडीएम जांच पूरी कर चुकी है और बुधवार को वह अपनी रिपोर्ट डीसी को नहीं दे पाई, क्योंकि डिप्टी कमिश्नर सरकारी समारोह में व्यस्त थे। गुरूवार को मामले की रिपोर्ट डीसी के पास पहुंचने की संभावना है और ऐसा माना जा रहा है कि इस केस में कई लोग लपेटे में आ जाएंगे। महिला के पेट में किसका बच्चा है? इसके बारे में अनाथालय का प्रशासन साफ उत्तर नहीं दे रहा है। मैनेजर गुरप्रीत सिंह का कहना है कि फूलकांत के साथ ही महिला कई बार आती जाती दिखी थी।  

1-अनाथालय में महिला व पुरुषों के लिए अलग अलग वार्ड बने हैं और वहां पर काफी सिक्योरिटी है। अगर फूलकांत ने ही महिला के साथ गलत कार्य किया है तो उसने महिला को अपनी हवस का शिकार कहां बनाया? अनाथालय में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां पर महिला को फूलकांत अकेले ले जाता। 
2- मामले की जानकारी प्रशासन से क्यों छिपाई गई? पुलिस व प्रशासन को इसकी जानकारी अनाथालय ने क्यों नहीं दी?
3-फूलकांत दरभंगा बिहार से है और अनाथालय के प्रशासन ने उसका तलाक कराए बिना उसकी शादी मुस्लिम महिला से कैसे कर दी? यह एक कानूनी अपराध है।
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