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PU Student Union Election: जीत के बाद पहले मां से लिया आशीर्वाद, उम्मीदवार बोले परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण

Thu, 07 Sep 2023 01:22 PM IST
निवेदिता वर्मा प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज, चंडीगढ़

सार

पीयू छात्रसंघ चुनाव में डीएवी में परिणाम घोषित होने के बाद नवचयनित अध्यक्ष जशनप्रीत सिंह ने अपने माता-पिता के पैर छूकर जीत का जश्न मनाया। माता-पिता की आंखों में बेटे के लिए गर्व नजर आया।
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पीयू छात्रसंघ चुनाव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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पीयू में बुधवार को एक तरफ छात्र संघ चुनाव की घोषणा हो रही थी, तब उम्मीदवारों की दिल की धड़कनें बढ़ रही थीं। जश्न के माहौल में विजेताओं को उनके समर्थकों ने कंधों पर उठा लिया, लेकिन उनकी खुशी परिवार को बताए बिना अधूरी रही। रैली समाप्त हुई तो फटाक से फोन लेकर प्रभजोत, इशान, पूजा, अंकिता और प्रेरणा ने मां को फोन कर खुशी जाहिर की। वहीं, डीएवी में परिणाम घोषित होने के बाद नवचयनित अध्यक्ष जशनप्रीत सिंह ने अपने माता-पिता के पैर छूकर जीत का जश्न मनाया। माता-पिता की आंखों में बेटे के लिए गर्व नजर आया।

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मां का सहयोग न होता तो शायद चुनाव ही नहीं लड़ता
रैली में फोन के दो टुकड़े हो गए। उसे जोड़ कर ऑन किया तो सबसे पहले मां को फोन लगाया क्योंकि उनका सहयोग नहीं होता तो मैं चुनाव में ही नहीं लड़ पाता। पीजीजीसी-11 में महासचिव बने ईशान ने यह बात कही। एचपीएसयू के ईशान ने नम आंखों के साथ पहाड़ी में बात करते हुए मां को अपनी जीत के बारे में बताया। अपनी खुशी जाहिर करते हुए ईशान बोले कि अगर उनकी मां और परिवार का सहयोग नहीं होता तो वह शायद चुनाव में ही खड़े न होते।

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चुनाव की चिंता बहुत थी, मां बनीं ताकत
जीसीजी-11 में अध्यक्ष बनने वाली पूजा ने बताया कि चुनाव में प्रतिद्वंद्वी से कांटे की टक्कर होने से काफी चिंता थी। कई बार चुनाव के कारण घर जाने में देरी भी हो जाती थी। ऐसे में परिवार ने कभी कोई रोक-टोक नहीं लगाई और खुल कर मेरा समर्थन किया। जब परिणाम की घोषणा हुई तो सबसे पहले मां को फोन करके खुशी जाहिर की।

प्रभजोत ने मां को किया पहला फोन, बोले- जीत में उनका सबसे बड़ा योगदान
पीजीजीसी-11 के नवचयनित अध्यक्ष प्रभजोत से जब पूछा कि सबसे पहला फोन किसे करोगे- तो वह बोले मां को, अभी फोन लेने ही जा रहा हूं। रैली के वक्त प्रभजोत के पास उनका फोन नहीं था। ऐसे में जब जश्न का माहौल शांत हुआ तो वह कॉलेज की तरफ अपना फोन लेने चले गए और बताया कि अपनी मां से बात करने के लिए ही जा रहे हैं, जिनका उनकी जीत में सबसे बड़ा योगदान रहा।
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मां ने कहा था छात्राओं की मदद करना
जीसीजी-11 में संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल करने वाली प्रेरणा ने बताया कि उनकी मां के प्रोत्साहन के चलते ही वह चुनाव में खड़ी हुईं। उनकी मां ने उन्हें कहा था कि छात्राओं की मदद करना। जीतने पर मुझसे ज्यादा मेरे परिवार के लिए गर्व का पल था। जीतने की खुशी है और अब इसी खुशी के साथ विद्यार्थियों के लिए काम करेंगे।

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