मनीमाजरा। शांति नगर इलाके में शुक्रवार की देर शाम एक युवक ने पहले अपनी पत्नी की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी और उसके बाद पंखे से फंदा लगाकर खुदुकशी कर ली। इसकी सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही डीएसपी उदयपाल सिंह और मनीमाजरा थाना प्रभारी जसपाल सिंह ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। इससे पहले पुलिस कर्मचारियों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अमन कुमार (29) के पंखे से लटक रहे शव को नीचे उतारा। पुलिस के मुताबिक अमन की पत्नी आरती का शव कमरे में फर्श पड़ा था। गला कटा होने के चलते वह खून से लथपथ थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने दोनों शवों को सेक्टर-16 के शवगृह में रखवा दिया है। हालांकि, पुलिस ने अभी आरती की हत्या के बारे में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया है। पुलिस का कहना कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आरती के मौत के कारणों का सही पता चलेगा।
उधर मकान मालिक की बेटी रेवा ने बताया कि दोनों पति-पत्नी अपने चार महीने के बच्चे के साथ एक सप्ताह पहले ही उनके मकान में रहने आए थे। उनका कहना कि वीरवार को दोनों में भी जमकर लड़ाई हुई थी। इसके बाद दोनों अपने बच्चे को लेकर सेक्टर-29 स्थित बच्चे की नानी के घर चले गए। वहां पर बच्चे को छोड़कर पति-पत्नी शुक्रवार दोपहर को 12 बजे लौट आए और कमरे का दरवाजा बंद कर अंदर ही लड़ते-झगड़ते रहे। शाम को साढ़े छह बजे जब उन्होंने उनका आधार कार्ड लेने के लिए दरवाजा खटखटाया तो दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दरवाजा तोड़ा तो दोनों का शव मिला।
अमन पहले भी कर चुका आत्महत्या का प्रयास
अमन कुमार दर्शनी बाग में एक डेयरी पर काम करता था। इस पहले वह जिस मकान में रहता था, वहां आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। हालांकि उस समय डेयरी मालिक ने समय रहते पहुंचकर फंदे से उतारकर जान बचा ली थी। उस समय अमन का सेक्टर-29 में रहने वाली आरती लक्ष्मी से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। अमन मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है, जबकि आरती मूलरूप से बिहार की रहने वाली है।
चार माह के बच्चे के सिर से उठा मां-बाप का साया
पति-पत्नी के झगड़े में 4 माह का मासूम अनाथ हो गया। जिस बच्चे की दुनिया अभी शुरू नहीं हुई, उसके सिर से मां-बाप का साया उठ गया। मरने से पहले पति-पत्नी अपने चार माह के बेटे को उसकी नानी के सुपुर्द कर आए थे।