ऐसी ठंड में विधवा और उसके तीन नाबालिग बच्चों को खुले आसमान के नीचे भगवान भरोसे नहीं छोड़ सकते। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद पंजाब पुलिस की नींद टूटी और आनन-फानन में तीनों को आसरा मुहैया करवाया गया। आईजी जालंधर रेंज ने हलफनामा दाखिल करते हुए मकान मालिक पर एफआईआर दर्ज करने की तथा याची को आसरा मुहैया करवाने की जानकारी दी।
याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि कपूरथला निवासी याचिकाकर्ता और उसके तीन नाबालिग बच्चों को पुलिस की सहायता से मकान मालकिन द्वारा घर से बाहर फेंक दिया गया। याची ने बताया कि मकान से निकालने का केस निचली अदालत में विचाराधीन था और उन्हें निकालने पर रोक भी लगी थी। इसके बावजूद पुलिस की सहायता से उन्हें घर से बाहर फेंक दिया गया।
पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने कहा था कि इस ठंड में इस तरह से इन्हें बेसहारा खुले आसमान के नीचे नहीं छोड़ सकते। हाईकोर्ट ने तुरंत उनके रहने का इंतजाम करने का आदेश दिया था। आईजी ने अब जवाब दाखिल करते हुए बताया कि आदेश मिलते ही एसएसपी को याची को आसरा मुहैया करवाने की जिम्मेदारी सौंपी दी गई थी।
उसी दिन शेल्टर होम में उन्हें सभी सुविधाएं मुहैया करवा दी गईं। इसके साथ ही याची की शिकायत के आधार पर मकान मालकिन और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि याची ने बताया कि उसका मकान मालकिन से समझौता हो चुका है। हाईकोर्ट ने हलफनामा रिकार्ड पर लेकर सुनवाई स्थगित कर दी।