पंजाब के विद्यार्थियों के बाद अब पंजाब यूनिवर्सिटी दूसरे राज्यों के छात्रों की परीक्षाएं भी उनके घरों के आसपास परीक्षा केंद्र बनाकर करवा सकता है। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। पीयू में पढ़ने वाले सभी स्टूडेंट्स के घरों का पता लगाया जा रहा है कि कौनसे राज्यों में या जिलों में रहते हैं। सोमवार तक यह डेटा एकत्रित हो जाएगा। उसके बाद पीयू आगे की योजना बनाएगा। हालांकि यूजीसी की गाइड लाइन का भी इंतजार किया जा रहा है।
कोरोना के कारण इस बार हर विश्वविद्यालय का परीक्षा कार्यक्रम जो भी बन रहा है वह फेल हो रहा है, क्योंकि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। लॉकडाउन खुलने का इंतजार किया जा रहा है। पीयू ने योजना बनाई कि छात्रों को लंबा सफर तय करके परीक्षा के लिए पीयू या अन्य जगहों पर न जाना पड़े।
इसके लिए पंजाब में छात्रों के घरों के पास परीक्षा केंद्र बनाने की योजना बनाई। वहां से कुछ पॉजिटिव संकेत मिले तो अब सभी छात्रों का डेटा एकत्रित किया जा रहा है। किस राज्य में कितने स्टूडेंट्स हैं जो पीयू में शिक्षा पा रहे हैं। यह डीएसडब्ल्यू कार्यालय से पूछा गया है। इसका डेटा लगभग तैयार हो गया है। सोमवार को फाइनल हो जाएगा। पीयू का सोचना है कि छात्रों को सफर न करना पड़े।
परीक्षा होगी या नहीं.. लेकिन प्लान हो रहा तैयार
अपने घरों के आसपास ही परीक्षा दे ले। हालांकि यह भी तय नहीं है कि परीक्षा होगी भी या नहीं लेकिन प्लान पूरा तैयार हो रहा है। डेटा आने के बाद पीयू अपनी योजना को विस्तृत कर यह देखेगा कि इस प्रक्रिया में कितना खर्च और कितनी मैनपावर लगेगी। यदि खर्च अधिक आएगा तो पीयू इस रास्ते को शायद ही अपनाए।
छात्र बिना परीक्षा प्रमोट करने की कर रहे मांग
दूसरी ओर छात्र इस मांग पर अड़े हैं कि पीयू परीक्षा न लेकर किसी दूसरे आधार पर छात्रों को प्रमोट करे। पीयू अपनी जगह प्लान बना रहा है वहीं स्टूडेंट्स अपनी जगह ठीक सोच रहे हैं, लेकिन पीयू वही सोचेगा जिससे कि छात्रों का भविष्य आगे जाकर प्रभावित न हो। बिना कोई आधार के छात्रों को प्रमोट भी नहीं किया जा सकता। इसका आधार भी तय करना होगा। नौकरी आदि में ताकि दिक्कतें खड़ी न हों।
छात्रों को सफर न करना पड़े, इसके लिए उनके घरों के आसपास ही परीक्षा केंद्र बनाने की योजना है। डीएसडब्ल्यू कार्यालय से सभी छात्रों का डेटा मांगा गया है जिसकी आखिरी तिथि 29 जून है। साथ ही यूजीसी की गाइड लाइन का भी इंतजार किया जा रहा है।
--- रेनुका बी सलवान, डीपीआर पीयू