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Chandigarh News: कहां है हेरिटेज ताप... पुलिस नहीं लगा पाई सुराग

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चंडीगढ़। सेक्टर 1 स्थित पंजाब आर्म्ड पुलिस के 82 बटालियन की जीओ मैस में गेट के पास रखी करीब तीन फीट लंबी और करीब 300 किलो की भारी पीतल की हेरिटेज तोप चोरी के मामले में पुलिस छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले को सुलझाएगी, कुछ क्लू हाथ लगे हैं। वहीं 82 बटालियन के अफसरों के साथ भी पुलिस तालमेल बनाए हुए है। इस तोप को इससे पहले पंजाब आर्म्ड पुलिस के बहादुरगढ़ (पटियाला) में रखा गया था। बीते 5 और 6 मई की रात को यह चोरी हो गई थी। चोरी की वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस की तीन टीमें सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में लगी है। पुलिस के मुताबिक परिसर में सीसीटीवी कैमरे न होने के चलते आसपास सरकारी संस्थानों मेें लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं जीओ मैस में तैनात गार्ड और अन्य कर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक इस पीतल की तोप को कबाड़ में बेचने के लिए चुराया नहीं गया होगा। इसकी हेरिटेज छवि को देखते हुए इसे आगे महंगे दाम में बेचने के लिए इसे चुराया गया हो सकता है। फिलहाल पुलिस सभी एंगल पर जांच कर रही है। जीओ मैस के स्टाफ से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को फिलहाल अभी तक की जांच में कोई संदिग्ध नहीं मिला है।
जीओ मैस के परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू
तोप चोरी होने के बाद अब जीओ मैस के परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह पुरानी तोप देश की आजादी से पहले की बताई गई है और इसे प्रदर्शन के लिए गेट के पास रखा गया था। यहां पर यह करीब एक दशक से मौजूद थी। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 379 के तहत केस दर्ज किया हुआ है। यह तोप पंजाब आर्म्ड पुलिस की काफी अहम धरोहर थी। पीपीएस अफसर कमांडेंट बलविंदर सिंह की शिकायत पर थाना पुलिस ने यह केस दर्ज हुआ था।
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करोड़ों का हेरिटज फर्नीचर हो चुका नीलाम
चंडीगढ़ में पिछले कुछ सालों से लगातार हेरिटेज फर्नीचर और अन्य सामान लगातार चुराया जा रहा है। 2014 में 250 के लगभग हेरिटज आइटम चंडीगढ़ में बेची गई थी। हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन सेल के सदस्य एडवोकेट अजय जग्गा के मुताबिक बीते कुछ सालों में 40 करोड़ से ज्यादा रुपये में चंडीगढ़ से हेरिटेज फर्नीचर विदेशों में नीलाम हो चुका है। इसकी यूके, यूएसए, फ्रांस और यूरोपियन देशों में नीलामी हुई है। शहर में चंडीगढ़ प्रशासन के दफ्तरों, चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा के संस्थानों मसलन एमएलए हॉस्टल आदि, पंजाब यूनिवर्सिटी, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट्स में हेरिटेज फर्नीचर अहम रूप से मौजूद है। सबसे ज्यादा हेरिटेज फर्नीचर चोरी की घटनाएं पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई हैं।

कस्टम को सतर्क होना पड़ेगा
जानकारी के मुताबिक हेरिटेज फर्नीचर शहर से हवाई मार्ग और समुद्री मार्ग से विदेशों में तस्करी हो रही है। इन चीजों के इस तरह विदेश भेजे जाने से कस्टम विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होते हैं। कुछ एजेंट के जरिए आगे सप्लायर सामान को विदेशों तक भिजवा रहे हैं। इस चोरी और तस्करी को रोकने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर हुई थी, जिसमें प्रशासन द्वारा हलफनामा दायर कर कार्रवाई की बात कही गई थी। जिसके बाद मामले का निपटारा हो गया था।

इनवेंटरी बनाने से हो पाएगी ऑडिटिंग
एडवोकेट जग्गा के मुताबिक हेरिटेज चीजों की चोरी को रोकने के लिए इनकी इनवेंटरी बननी चाहिए और इसकी समय-समय पर ऑडिटिंग की जानी चाहिए। चंडीगढ़ में हेरिटेज सामान की चोरी बढ़ने के बाद इनवेंटरी शुरू की गई थी। इसी प्रकार की कार्रवाई पंजाब और हरियाणा को भी करनी चाहिए।
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