चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल में खुले मैदानों से लेकर सड़कों और गाड़ियों में नशा परोसा जा रहा है। मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर युवा गाड़ियों में बैठकर हेरोइन के कश लगा रहे हैं। इन्हें पुलिस का कोई खौफ नहीं है। बड़ी बात यह है कि इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
संवाददाता ने चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पहुंचकर देखा कि यहां पर कई महंगी कारें खड़ी हैं। इनमें ज्यादातर युवा बैठे थे। इन गाड़ियों में सबसे ज्यादा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ नंबर की गाड़ियां थीं। संवाददाता की कार देखकर कुछ लोग गाड़ियों से बाहर निकल आए। इस बीच उनको संभालते संवाददाता ने सीधे हेरोइन का कोड वर्ड सिस्टम बोलते हुए बातचीत शुरू कर दी। थोड़ी देर में कारों में बैठे लोग घुल-मिल गए और संवाददाता को अपनी कार में बैठा लिया।
जब उन युवाओं को भरोसा हो गया कि नशा ही चाहिए तो बात आगे बढ़ी। इसी बीच युवाओं ने गाड़ी में ही हेरोइन का कश लेना शुरू कर दिया। संवाददाता ने बातचीत करते हुए गाड़ी में कश लेने वालों को अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस गाड़ी के आसपास कई गाड़ियां लगी थीं, जिसमें भी लोग नशा कर रहे थे।
कहा-मैं पहले लगा लूं
संवाददाता के युवाओं की गाड़ी में बैठते ही एक युवा ने फॉयल पेपर पर हेरोइन निकाली। दूसरा बोला- इतनी बहुत है। इसके बाद दूसरे व्यक्ति को पूछा कि क्या मैं पहले लगा लूं। इसके बाद युवाओं के कश लगाने का दौर शुरू हो गया। जिस जगह पर युवा हेरोइन के कश लगा रहे थे, उसके नजदीक ही सेक्टर-56 में कई घरों में ड्रग्स का अवैध धंधा चलता है। ये युवा सेक्टर के आसपास घूमते रहते हैं और नशा खत्म होने पर फिर खरीदकर सेवन करते हैं।
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पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन मानी जाती है असली
संवाददाता ने जब यह जानना चाहा कि चंडीगढ़ में बिक रही हेरोइन असली है और नकली तो पता चला कि यहां दो तरह की आती है। इसमें एक केमिकल के साथ दिल्ली में तैयार की जाती है, जबकि दूसरी पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते चंडीगढ़ पहुंचती है। यह चंडीगढ़ में भारी अंतर पर बिकती है। हैरानी की बात यह है कि चंडीगढ़ में बिकने वाले नशे पर न चंडीगढ़ पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है और न ही प्रशासन, जबकि नशे के सौदागरों का धंधा पुलिस चेक पोस्ट के आसपास ही चलता है। ड्रग्स का धंधा करने वाले व एक नशेड़ी ने असली और नकली का अंतर बताया। उसने कहा कि पाकिस्तानी हेरोइन को पक्का सिस्टम कहते हैं यानी 100 प्रतिशत ओरिजिनल। यही असली मानी जाती है। यही वजह है कि चंडीगढ़ के बाजार में दो से 10 हजार रुपये प्रति ग्राम तक की कीमत पर हेरोइन बेची जाती है।
पुलिस के एक उच्चाधिकारी का कहना है कि नशा तस्करों और नशेड़ियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कुछ दिन पहले ही तीन महिलाओं के साथ कुछ लोगों को पकड़ा गया था। इनमें से कुछ को जेल भी भेजा गया है।