चंडीगढ़। स्मार्ट पार्किंग के लिए गठित समिति सोमवार को शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट चंडीगढ़ की पार्किंग का दौरा करेगी। इस दौरे का उद्देश्य एयरपोर्ट की पार्किंग प्रणाली, उसके संचालन के तरीके और तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन करना है। इसके आधार पर चंडीगढ़ शहर की पार्किंग व्यवस्था को आधुनिक और कुशल बनाने की योजना तैयार की जाएगी।
चंडीगढ़ नगर निगम शहर की सभी पार्किंग को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत पार्किंग स्थलों को पूरी तरह से स्मार्ट बनाया जाएगा। इस नई पार्किंग व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
समिति के अध्यक्ष सौरभ जोशी ने बताया कि नगर निगम सदन ने पहले ही यह निर्णय ले लिया है कि शहर की सभी पार्किंग व्यवस्था को पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत अब वाहनों से प्रवेश करते समय पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा, बल्कि वाहन के पार्किंग स्थल से बाहर निकलते समय भुगतान करना होगा। इसके अतिरिक्त शुरुआती 15 मिनट तक पार्किंग बिल्कुल मुफ्त रहेगी, जिसके बाद ही शुल्क लगना शुरू होगा।
समिति में अध्यक्ष सौरभ जोशी के अलावा पार्षद जसविंदर कौर, उमेश घई और दर्शना रानी भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। समिति में कुल 17 सदस्य हैं, जो इस परियोजना को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। वर्तमान में, कागजों पर 10 मिनट की पार्किंग मुफ्त है, लेकिन वास्तविकता में प्रवेश के दौरान ही शुल्क वसूल लिया जाता है, जिससे यह मुफ्त व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पाती है। स्मार्ट पार्किंग प्रणाली लागू होने के बाद, चंडीगढ़ में दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क 7 रुपये से बढ़कर 10 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 14 रुपये से बढ़कर 20 रुपये हो जाएगा।