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रेवाड़ी एम्सः संघर्ष समिति का एलान- 25 जुलाई तक शिलान्यास करो, नहीं तो करेंगे बेमियादी आंदोलन

Mon, 24 Jun 2019 01:16 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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फाइल फोटो
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रेवाड़ी के मनेठी में एम्स के निर्माण में कई तरह की अड़चनें आ रही हैं। संघर्ष समिति ने एलान किया है कि अगर इन्हें दूर नहीं किया गया, तो आंदोलन करेंगे। केंद्रीय वन सलाहकार समिति द्वारा एम्स के निर्माण के लिए पेड़ काटने की नामंजूरी से गुस्साएं ग्रामीणों ने रविवार को कुंड बस स्टैंड पर महापंचायत करके सरकार को चेतावनी दी।
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इसके साथ ही ग्रामीणों द्वारा प्रधानमंत्री के पास दस हजार पत्र भेजे जाएंगे, पीएम प्रधानमंत्री द्वारा 12 फरवरी को कुरुक्षेत्र में आयोजित जनसभा में की गई मनेठी एम्स की घोषणा की याद दिलाई जाएगी। महापंचायत में ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया।

गांव मनेठी में प्रस्तावित एम्स के निर्माण के लिए वन सलाहकार समिति की नामंजूरी के बाद चंडीगढ़ व दिल्ली तक खलबली मच गई। ग्रामीणों में भी गुस्सा व्याप्त है। एम्स संघर्ष समिति के आह्वान पर रविवार को गांव कुंड के बस स्टैंड पर महापंचायत की गई, जिसमें आसपास के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।
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वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने ग्रामीणों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। प्रदेश का एम्स मनेठी में ही बनाया जाना चाहिए। वन सलाहकार समिति द्वारा स्थान बदले जाने की सलाह को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस जमीन को लेकर अड़ंगा लगाया जा रहा है, वह जमीन ग्राम पंचायत द्वारा ही वन विभाग को दी गई थी, लेकिन अब अपनी जमीन के लिए ही लड़ना पड़ रहा है। अगर इस जमीन पर एम्स का निर्माण संभव नहीं है तो सरकार किसानों की जमीन को एक्वायर करके एम्स का निर्माण करे।

25 जुलाई तक शिलान्यास करे सरकार

दक्षिणी हरियाणा एम्स संघर्ष समिति के सदस्यों ने सरकार को चेताया कि 25 जुलाई तक एम्स का शिलान्यास नहीं किया गया तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन के तहत धरना शुरू करेंगे।

मंत्री ने कहा, एम्स मनेठी में ही बनेगा
जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स मनेठी में ही बनेगा। इसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। चाहे कोई भी हल निकालना पड़े, लेकिन एम्स मनेठी में ही बनेगा। जिस जमीन को लेकर बातें की जा रही हैं, वह ग्राम पंचायत की जमीन है।

पूर्व मंत्री कैप्टन अजय ने कहा, जनता के साथ किया विश्वासघात
पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि एम्स के निर्माण को लेकर वन विभाग की अड़चन पहले से ही दिखाई दे रही थी, लेकिन लोगों के साथ विश्वासघात किया गया है। एम्स का निर्माण मनेठी में ही किया जाना चाहिए। एम्स मुद्दे पर वह ग्रामीणों के साथ हैं।
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ये होने की संभावना है

मनेठी में एम्स निर्माण के लिए सरकार को दोबारा रिपोर्ट तैयार करके केंद्रीय वन सलाहकार समिति के पास भेजना पड़ेगा। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल एंपावर्ड समिति को भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय सीसीसी को देना है।

उपायुक्त की रिपोर्ट पर नजर
एम्स के मसले पर तीन दिन पूर्व उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा रिपोर्ट दी जाएगी। कमेटी द्वारा यह बताया जाएगा कि वन सलाहकार समिति द्वारा बताई गई दिक्कतें किस प्रकार दूर की जा सकती हैं। डीसी की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें हैं।

ये रहे मौजूद
महापंचायत में पूर्व मंत्री डॉ. एमएल रंगा, उप जिला प्रमुख जगफूल यादव, जिला पार्षद सन्नी यादव, डॉ. टीसी राव, एम्स संघर्ष समिति अध्यक्ष श्योताज सरपंच मनेठी, पार्षद आजाद नांधा व संपत सिंह डहीनवाल और काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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