चंडीगढ़। जिंदगी के सफर में लाहौर जाने का मौका मिला। तब स्थानीय ड्राइवर ने कहा था कि साहब जी... तुसां ता बिल्कुल साड्डे वतन दे लगदे हो, त्वाहडी गल्ल बात ते बोल बिल्कुल साड्डी है, तुस्सां उदर क्यों चले गए...। सेवानिवृत्त आईपीएस वीके कपूर ने बताया कि ऐसे ही विदेशों में बिताए कई अनुभवों का हुबहु चित्रण किताब के किस्सों और लेखों में किया गया है। इसके साथ ही पेशेवर जिंदगी के किस्सों को भी किताब में स्थान दिया गया है, जिससे युवा वर्ग को प्रेरणा मिल सके।
सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में शनिवार को सेवानिवृत्त आईपीएस वीके कपूर की किताब ‘रोमांसिग लाइफ’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ चंडीगढ़ साहित्य अकादमी की अध्यक्ष आईएएस सुमिता मिश्रा के साथ प्रेरक वक्ता और लेखक विवेक अत्रे भी मौजूद रहे। इनके अलावा अतिथियों में पूर्व राज्यपाल जनरल भूपेंद्र सिंह, जस्टिस जसबीर सिंह और जस्टिस आरके नेहरू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि कपूर साहब से मेरा 10 से 12 साल पुराना परिचय है। जब पंचकूला में सामाजिक कार्यों को लेकर शुरुआत की, तब जब भी कोई सलाह लेनी होती थी तो उनसे मार्गदर्शन लेता था। वे मेरे लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। युवा वर्ग उनसे अनुशासन में रहकर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा ले सकता है। सुमिता मिश्रा ने कहा कि उन्हें वीके कपूर से काफी सीखने को मिला है। मिश्रा ने बताया कि बड़े लोग वे होते हैं जो किसी को छोटा नहीं समझते। वीके कपूर ने अपने पास आए हुए छोटे लोगों को भी बड़ा समझकर उनको बहुत सी सीख दी है। इस दौरान वीके कपूर ने बताया कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इजराइल और कई देशों में जाने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वही जिंदादिल और अच्छे इंसान होते हैं जो दूसरों को अनुशासन और अनुशासनात्मक तरीके से जीने की पाठ पढ़ाते हैं।