पंजाब में अब जेलें भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। लगातार जेल में हो रही वारदातों ने सुरक्षा के तमाम दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है। गुरदासपुर जेल में कैदियों की हिंसा हुई है। बताया जा रहा है कि चार विचाराधीन कैदियों ने दो जेल वार्डन पर प्लास्टिक के पाइपों से हमला कर दिया। कैदियों ने दीवार पर लगे पाइपों को तोड़ा और हमला किया। उन्होंने सीसीटीवी और फोन जैमर भी तोड़ दिए। घटना दोपहर एक बजे के करीब हुई।
कैदी जेल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने को लेकर नाराज हैं। बताया जाता है कि जेल प्रशासन के विरोध में लगभग 40 कैदियों ने अपनी कंबलें जला दीं। उन्होंने जेल सुपरिटेंडेंट दिलबाग सिंह के तबादले की मांग की।
कैदियों ने जेल संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया गया। हिंसा में काफी कैदियों के घायल होने की जानकारी है। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। मामले की जानकारी मिलने के बाद कई आला अधिकारी गुरदासपुर पहुंचे। साथ ही अतिरिक्त जाब्ते को भी भेजा गया।
कैदियों ने कई बैरकों को भी तोड़ दिया
जेल में हिंसा
बताया जाता है कि कैदियों ने कई बैरकों को भी तोड़ दिया। वे बैरकों की छत्तों पर भी चढ़ गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैरकों से धुआं भी उठता देखा गया। कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिला पुलिस प्रशासन ने सभी 13 एसएचओ को गुरदासपुर जेल पहुंचने का आदेश दिया है।
केंद्रीय जेल गुरदासपुर में कैदियों ने पुलिस मुलाजिमों की पिटाई करने के बाद बिस्तर के ढेर में आग लगा दी। कैदियों ने जेल के भीतर तोड़फोड़ भी कर डाली। सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति पर काबू पाने के लिए फायरिंग की। इस घटना की सूचना मिलने के बाद एसएसपी गुरदासपुर, एसडीएम गुरदासपुर के साथ अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। यह पुलिस मुलाजिम कैदी को मेडिकल के लिए ले जाने गया था।
किसके भरोसे है जेल की सुरक्षा?
जेल में हिंसा
गुरदासपुर पाकिस्तान सीमा के करीब है। पिछले साल जनवरी में ही पड़ोस के पठानकोट में आतंकी हमला हुआ था। पिछले साल नवंबर में राज्य की नाभा जेल से हथियारबंदर बदमाशों ने खालिस्तानी आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू को छुड़ा लिया था। बदमाश पुलिस वर्दी में आए थे और उन्होंने लगभग 200 राउंड गोलियां चलाई थी। मिंटू के साथ ही पांच अन्य कुख्यात बदमाश भी फरार हो गए थे। हालांकि बाद में पुलिस ने मिंटू को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था।