कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला
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कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई में गड़बड़ी के आरोप में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व बिजली मंत्री रणदीप सुरजेवाला व उनके समर्थक ईश्वर नैन के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू हो गई है। इस मामले में विजिलेंस बिजली कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। पंचकूला विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी देविंद्र सिंह ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण के भिवानी जिले के सुपरिंटेंडेंट को पत्र लिखकर 8 कर्मचारियों को 24 मई को जांच में शामिल होने को कहा।
10 कर्मियों को 23 मई को बुलाया है। इससे पहले 18 मई को उनको जांच में शामिल होना था लेकिन कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। हिसार के कौत कलां निवासी सिक्योरिटी एजेंसी संचालक अजय संधू ने 2019 में गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी थी। संधू ने बताया था कि वर्ष 2009-10 में रणदीप सिंह सुरेजवाला बिजली मंत्री थे।
नैन ने सुरजेवाला से उसकी मुलाकात करवाई। बदले में नैन को उसे अपने टेंडर में पार्टनर बनाया। उस समय प्रदेशभर में करीब चार हजार लाइनमैन और सहायक लाइनमैन की भर्ती ठेके के तहत की गई। इन्हें न तो ईपीएफ दिया न ईएसआई। इस पर बिजली निगम ने सर्विस टैक्स चोरी और ईपीएफ, ईएसआई चोरी की शिकायत कर दी। भिवानी सहित 11 जिलों में एफआईआर दर्ज की गई। संधू ने बताया कि केवल उसे ही आरोपी बना दिया गया, जबकि अन्य किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।